आग की लपट जैसा दिखता है ये खास जीव! एशियन गेम्स 2026 का Mascot Honohon आखिर है क्या?

नागोया, एशियन गेम्स 2026 का मास्कोट होनोहोन क्या है? जानिए इसके पीछे छिपे नागोया के इतिहास, पौराणिक कथा और खास जापानी महत्व की पूरी कहानी।

एशिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिताओं में से एक एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची प्रीफेक्चर और नागोया शहर में होगा। इस बार खेलों के साथ एक खास किरदार भी चर्चा में है।

इसका नाम है होनोहोन, जो 2026 एशियन गेम्स का आधिकारिक मास्कोट है। दिखने में ये आग की लपट जैसा है, लेकिन इसके पीछे जापानी इतिहास और पौराणिक कहानी छिपी है।

कौन है होनोहोन?
होनोहोन को एशियाई खिलाड़ियों के जोश और मेजबान क्षेत्र की लोककथाओं को मिलाकर तैयार किया गया है। देखने में यह एक चमकती हुई आग जैसा लगता है, लेकिन इसे ‘टाइगर-फिश’ यानी बाघ और मछली के मिश्रण से प्रेरित रहस्यमयी जीव के रूप में डिजाइन किया गया है।

होनोहोन बोल नहीं सकता, लेकिन खास जादुई आवाजों के जरिए अपनी बात बताता है। इसकी बड़ी-बड़ी आंखें खिलाड़ियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखने का प्रतीक हैं, जबकि इसके खास कान स्टेडियम में गूंजने वाली दर्शकों की तालियों और चीयर को सुनने के लिए बनाए गए हैं।

नाम में भी छिपा है खास मतलब
होनोहोन का नाम जापानी शब्द ‘होनोहो’ से जुड़ा है, जिसका मतलब आग या लौ होता है। इसके शरीर पर बने स्केल्स यानी परतें जापान में चावल की बालियों से प्रेरित हैं। चावल की बाली वहां समृद्धि और अच्छी फसल का प्रतीक मानी जाती है।

नागोया के इतिहास से है गहरा कनेक्शन
होनोहोन की कहानी को समझने के लिए जापान की मशहूर पौराणिक आकृति शचीहोको को जानना जरूरी है। जापानी मान्यता में शचीहोको एक ऐसा रहस्यमयी जीव है जिसका सिर बाघ जैसा और शरीर कार्प मछली जैसा होता है।

कहा जाता है कि शचीहोको पानी और मौसम से जुड़ी शक्तियां रखता है। वह बड़ी मात्रा में पानी निगल सकता है और बारिश बुलाने की क्षमता रखता है। इसी वजह से इसे आग से बचाने वाला रक्षक भी माना जाता था।

छतों पर लगाते थे किनशाची
जापान के कई पुराने किलों की छतों पर शचीहोको की सुनहरी मूर्तियां लगाई जाती थीं। इन्हें किनशाची कहा जाता है। इसकी सबसे मशहूर मूर्तियां नागोया कैसल की छत पर मौजूद हैं।

इसी स्थानीय इतिहास और पौराणिक कहानी से प्रेरणा लेकर होनोहोन को डिजाइन किया गया है। यानी ये मास्कोट सिर्फ खेलों का चेहरा नहीं, बल्कि नागोया की पहचान और इतिहास से भी जुड़ा हुआ है।

आग और पानी का खास कनेक्शन
होनोहोन आग यानी आग का प्रतिनिधित्व करता है। ये खिलाड़ियों के जुनून, मेहनत, ऊर्जा और जीतने की इच्छा को दिखाता है। वहीं, 2026 एशियाई पैरा गेम्स के लिए इसकी एक साथी मास्कोट उजुमिन को पेश किया गया है।

उजुमिन पानी के भंवर से प्रेरित है और पानी यानी पानी का प्रतिनिधित्व करता है। इस तरह होनोहोन और उजुमिन मिलकर आग और पानी का संतुलन दिखाते हैं एशियन गेम्स के लिए जोश और जुनून, जबकि पैरा गेम्स के लिए मजबूती और लचीलापन।

कौन सा संदेश पहुंचाना चाहते है?
होनोहोन को 2026 एशियन गेम्स के आधिकारिक मोटो ‘इमेजिन वन एशिया’ के साथ भी जोड़ा गया है। एशिया के अलग-अलग देशों से खिलाड़ी जापान पहुंचेंगे। ऐसे में होनोहोन का संदेश साफ है खेल भाषा, संस्कृति और सीमाओं के फर्क को कम कर लोगों को एक साथ ला सकता है।

यही वजह है कि आग की लपट जैसा दिखने वाला होनोहोन सिर्फ एक मास्कोट नहीं, बल्कि एशियाई खिलाड़ियों के जुनून, एकता और खेल भावना का प्रतीक बनकर सामने आया है।

 

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