
बड़वानी, शहर सहित अंचल भर में इन दिनों बारिश के मौसम में भी सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। सबसे ज्यादा मार प्याज पर पड़ रही है, जो इन दिनों फुटकर बाजार में 40 रुपये किलो बिक रही है। वहीं लहसन 160 रुपये किलो तक पहुंच गई है। सब्जियों के दाम बढने से आमजन की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है और सबसे ज्यादा परेशानी गृहिणियों को हो रही है। स्थानीय सब्जी मंडी के व्यापारियों की माने तो बड़वानी में कुछ बड़े व्यापारी प्याज का स्टॉक करके रखे हुए हैं। वे जान बूझकर कम मात्रा में माल मंडी में ला रहे हैं, जिससे बाजार में प्याज की कमी बनी हुई है। इसका सीधा असर फुटकर दुकानदारों और आम ग्राहकों पर पड़ रहा है। फुटकर दुकानदारों को मंडी से ही प्याज महंगी मिल रही है, तो वे आगे महंगी ही बेच रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अभी स्थानीय प्याज खत्म होने की कगार पर है और बाहर से आवक नहीं हो रही है। 15 से 20 दिन बाद जब नासिक, इंदौर और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों से नई प्याज की आवक शुरू होगी, तब जाकर दामों में 15 से 20 रुपये तक की गिरावट आ सकती है। तब तक लोगों को इसी महंगाई का सामना करना पड़ेगा। केवल प्याज, लहसन ही नहीं, बल्कि अन्य सब्जियों के दाम भी काफी बढ़े हुए हैं। भिंडी, शिमला मिर्च आदि के दाम भी 30 से 40 रुपये किलो के बीच हैं। वहीं रसोई का दूसरा सामान जैसे सरसों का तेल 165 रुपये लीटर, तुअर दाल 120 रुपये किलो और मूंग दाल 110 रुपये किलो तक बिक रही है। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों का महीने का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। कई परिवारों ने सब्जियों की मात्रा कम कर दी है।
सब्जियों के फुटकर भाव प्रति किलो में
प्याज 40 रुपए
लहसन 160 रुपए
टमाटर 40 रुपए
भिंडी 40 रुपए
शिमला मिर्च 50 रुपए
करेला 40 रुपए
आलू 25 रुपए
लौकी 30 रुपए
तुरई 40 रुपए
हरी मिर्च 50 रुपए
