
गुना। शहर में डली सडक़ों की गुणवत्ता की जांच करने रविवार को नगरीय प्रशासन विभाग का विशेष दल गुना पहुंचा। कायाकल्प कार्यक्रम के तहत बनाई और सुधार की गई सडक़ों की मजबूती व मानकों का परीक्षण एक सप्ताह तक किया जाएगा। इस दौरान इंजीनियरों की टीम शहर के अलग-अलग हिस्सों से सैंपल लेकर जांच करेगी। जम्मू-कश्मीर पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर बीएल बघेल के नेतृत्व में यह दल गुना पहुंचा, जिसमें वरिष्ठ इंजीनियरों के साथ ग्वालियर और भोपाल से आए अधिकारी भी शामिल हैं। मोबाइल लैब से हुई जांच जांच दल ने रविवार को अम्बेडकर चौक से लेकर मुख्य डाकघर मार्ग तक सडक़ों की गुणवत्ता का परीक्षण किया। इस दौरान मोबाइल टेस्टिंग लैब का उपयोग कर सडक़ों के कोर की कटिंग की गई और उनकी मोटाई, गहराई व मजबूती की जांच की गई। तकनीकी रूप से इसे क्रोपाटकिन कटिंग कहा जाता है, जिसके जरिए यह पता लगाया जाता है कि सडक़ निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हुआ है या नहीं। स्थानीय इंजीनियर भी रहे मौजूद गुना नगरपालिका के इंजीनियर सुनील जैन सहित डीडी कार्यालय के संयुक्त संचालक और अन्य अधिकारी इस जांच के दौरान मौजूद रहे। दल ने मौके पर जाकर नाप-जोख की और सैंपल इक_ा किए। जांच दल अगले कुछ दिनों तक शहर की अन्य प्रमुख सडक़ों पर भी इसी तरह परीक्षण करेगा। कायाकल्प कार्यक्रम का उद्देश्य कायाकल्प कार्यक्रम का उद्देश्य शहर के सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाना और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत बनी सडक़ों की मजबूती, चौड़ाई और गहराई के साथ-साथ उनकी स्थायित्व क्षमता की जांच की जाती है। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सडक़ों का निर्माण टिकाऊ हो और लंबे समय तक लोगों को सुविधा प्रदान कर सके। नगरीय प्रशासन की टीम ने प्राथमिक तौर पर जो जांच की है, उसमें अब तक की रिपोर्ट सकारात्मक रही है। जांच दल आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों की सडक़ों का भी निरीक्षण करेगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे नगरीय प्रशासन को सौंपा जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किन जगहों पर सडक़ें मानकों पर खरी उतरीं और किन्हें सुधार की जरूरत है।
