न्यूज एंकर रहे किजानांगोमा, युगांडा के टूरो साम्राज्य में नए राजा बने

फोर्ट पोर्टल (युगांडा), 29 सितंबर (वार्ता) युगांडा के टूरो साम्राज्य में हफ्तों से जारी उत्तराधिकार विवाद का अंत करते हुए एडवर्ड रुकिडी किजानांगोमा (56) को मंगलवार को औपचारिक रूप से नए राजा का ताज पहनाया गया। पूर्व राजा ओयो न्यिम्बा कबाम्बा इगुरु रुकिडी चतुर्थ के आकस्मिक निधन के बाद शुरू हुए विवाद के बीच यहां के करूज़ीका पैलेस में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका राज्याभिषेक संपन्न हुआ।

राजा के रूप में चुने जाने से पहले श्री किजानांगोमा युगांडा ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन में एक समाचार वाचक और संपादक के रूप में कार्यरत थे। नए राजा ने राज्याभिषेक की रस्मों के दौरान अपना शाही नाम ‘एडवर्ड रुकिडी न्याबोंगो प्रथम’ धारण किया। इससे पहले र्वेंगोमा पैलेस से एक भव्य जुलूस निकाला गया और महल के प्रवेश द्वार पर एक प्रतीकात्मक युद्ध अभ्यास का आयोजन किया गया।

वह स्वर्गीय राजा ओयो का स्थान लेंगे, जिनका 27 अगस्त को अमेरिका में कैंसर के इलाज के दौरान 34 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। ओयो का अंतिम संस्कार 12 सितंबर को फोर्ट पोर्टल के करम्बी रॉयल टॉम्ब्स में किया गया था।

न्याबोंगो प्रथम का चयन बाबीतो शाही वंश की 21 सदस्यीय उत्तराधिकार समिति द्वारा व्यापक विचार-विमर्श और संभावित उम्मीदवारों के आकलन के बाद किया गया था। इसके बाद 15 सितंबर को टूरो किंगडम सुप्रीम काउंसिल ने इस फैसले का समर्थन किया। युगांडा सरकार ने भी इस उत्तराधिकार को मान्यता देते हुए स्पष्ट किया है कि पारंपरिक और संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं तथा उन्हें आधिकारिक गजट में नए ओमुकामा के रूप में दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

राज्याभिषेक से पूर्व शाही राजचिह्नों (रॉयल रेगेलिया) को पुनः स्थापित करने सहित कई पारंपरिक अनुष्ठान पूरे किए गए, जिन्हें राजा के निधन के बाद शोक अवधि के दौरान उल्टा कर दिया गया था।

यह राज्याभिषेक उत्तराधिकार को लेकर उठे भारी विवादों के बीच हुआ है। स्वर्गीय राजा ओयो की मां रानी बेस्ट केमिगिसा और उनकी बहन राजकुमारी रुथ कोमुंताले ने श्री किजानांगोमा के चयन पर आपत्ति जताई थी। उनका दावा था कि दिवंगत राजा अपने पीछे एक छोटा पुत्र और एक वसीयत छोड़ गए हैं जिसमें उस बच्चे को ही उत्तराधिकारी नामित किया गया था। हालांकि, बाबीतो कबीले के प्रमुख और पारंपरिक ‘किंग-मेकर’ चार्ल्स कायोंडो कामुरासी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि कबीले ने चयन प्रक्रिया में सदियों पुरानी बाटोरो परंपराओं का पूरी तरह से पालन किया है।

टूरो एल्डर्स फोरम ने भी बाबीतो कबीले के निर्णय का समर्थन किया। राज्याभिषेक के बाद टूरो साम्राज्य के प्रधानमंत्री केल्विन आर्मस्ट्रांग वोमीरे अकीकी ने नए राजा को बधाई दी और इस समारोह को साम्राज्य के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बताया।

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