नई दिल्ली, 17 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने जी20 एनर्जी अबंडेंस मिनिस्टीरियल बैठक में मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली बनाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कुशल नियमन और महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला का समर्थन किया।
श्री मनोहर लाल ने अमेरिका में आयोजित जी20 एनर्जी अबंडेंस मिनिस्टीरियल मीटिंग में विकास के लिए सुरक्षित, किफायती और भरोसेमंद ऊर्जा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली बनाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कुशल नियमन और महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला का समर्थन किया। अमेरिका की जी20 अध्यक्षता में 14 से 16 सितंबर तक ह्यूस्टन में आयोजित बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, किफायती बेसलोड, परमिट और नियामक दक्षता तथा महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए सुरक्षित, किफायती और विश्वसनीय ऊर्जा विकास की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने देशों की परिस्थितियों और विकास प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा आपसी तालमेल के जरिए साझा हितों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत तेजी से डिजिटल, विकेंद्रीकृत और उपभोक्ता-केंद्रित बन रही मजबूत ऊर्जा प्रणाली का निर्माण कर रहा है। देश की बिजली उत्पादन क्षमता 552 गीगावाट तक पहुंच गयी है, जिसमें आधे से अधिक क्षमता गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आती है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने प्रमुख राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) लक्ष्यों को समय से पहले हासिल कर लिया है और 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में नियामक क्षमता मजबूत करने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा निवेश और भागीदारी को सुगम बनाने के लिए भारत में किये गये सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम, परिवेश और पीएम गति शक्ति जैसी पहलों के बारे में बताया, जिनसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने और कार्यों में स्पष्टता लाने में मदद मिली है।
