17 सितंबर से भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत करने जा रही है . यह प्रधानमंत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में किया जा रहा है. और अगले माह 7 अक्टूबर को उनके मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यकाल के 25 वर्ष भी पूर्ण होने जा रहे हैं. ऐसा करने वाले वे देश के इकलौते नेता हैं. उन्होंने इस दौरान अनेक प्रतिमान और राजनीति में अनेक नए ट्रेंड स्थापित किए हैं. मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक भारत बनाने में उनका योगदान अभूतपूर्व रहा है. उन्होंने सुशासन के भी नए आयाम स्थापित किए हैं .
दरअसल,गुजरात से शुरू हुई मोदी की राजनीतिक यात्रा ने राष्ट्रीय राजनीति में नेतृत्व की ऐसी शैली स्थापित की, जिसमें सुशासन, तकनीक, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रवाद, संगठन और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका एक-दूसरे से जुड़े दिखाई देते हैं. नरेंद्र मोदी संभवत: विश्व के इकलौते नेता हैं, जिन्होंने पिछले 25 वर्षों में एक दिन भी अवकाश नहीं लिया है. यही निरंतरता उनके व्यक्तित्व में अनुशासन, कार्यक्षमता और दृढ़ संकल्प की छवि को मजबूत करती है. मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सक्रिय रहना उनकी कार्यशैली की पहचान बना है. सत्ता के शीर्ष पर इतने लंबे समय तक सक्रिय रहना अपने आप में उनकी राजनीतिक यात्रा का महत्वपूर्ण पक्ष है. सुशासन के क्षेत्र में मोदी सरकार की सबसे ठोस उपलब्धियों में सरकारी योजनाओं को सीधे नागरिक तक पहुंचाने वाली डिजिटल व्यवस्था का विस्तार शामिल है.
जनधन खातों और आधार के विस्तार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंचाने का रास्ता मजबूत किया है. इससे बिचौलियों पर निर्भरता घटाने और सरकारी भुगतान को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश हुई है. वहीं यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को बैंकिंग क्षेत्र से निकालकर छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले और सामान्य उपभोक्ता तक पहुंचाया है.बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी सडक़, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे और डिजिटल कनेक्टिविटी पर बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है. आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल के जरिए घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश हुई. रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन और निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया गया है. बाह्य सुरक्षा के मोर्चे पर सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे फैसलों ने आतंकवाद के जवाब में सरकार की निर्णायक नीति को सामने रखा. मिशन शक्ति, चंद्रयान और गगनयान जैसे कार्यक्रमों ने भारत की वैज्ञानिक और रणनीतिक क्षमताओं को नई पहचान दी है. नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों का एक महत्वपूर्ण अध्याय भाजपा के संगठनात्मक विस्तार से भी जुड़ा है. बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना, तकनीक आधारित चुनावी प्रबंधन और लाभार्थियों से सीधा संपर्क भाजपा की राजनीतिक शैली के प्रमुख हिस्से बने हैं.
विदेश नीति के मोर्चे पर उनकी सबसे बड़ी सफलता यह है कि आज भारत विश्व मंच पर मजबूती से अपनी बात रख रहा है. विभिन्न वैश्विक मंचों पर भारत की मौजूदगी और सक्रियता बढ़ी है. प्रधानमंत्री ने सुशासन का ऐसा मॉडल विकसित करने की कोशिश की है, जिसके प्रमुख तत्व निर्णय लेने की मजबूती, योजनाओं का क्रियान्वयन, निरंतर विकास, डिजिटाइजेशन और पारदर्शिता हैं.
जाहिर है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता और संगठन में नए प्रतिमान और कीर्तिमान स्थापित किए हैं. मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक 25 वर्षों की यह यात्रा केवल समय की लंबी अवधि नहीं, बल्कि शासन और राजनीति की बदलती कार्यशैली का भी प्रतीक है.
