दमोह: विश्वकर्मा महिला मंडल, दमोह द्वारा हरियाली तीज के पावन अवसर पर भव्य हरियाली तीज उत्सव एवं सावन मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा धारण कर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता को मंच पर जीवंत किया।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजिता गौरव पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति ठाकुर श्रीमती संगीता श्रीधर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रजनी ठाकुर, एडवोकेट निधी श्रीवास्तव, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती शिखा जैन, समाजसेविका श्रीमती नर्मदा सिंह, खुशी ब्यूटी पार्लर की संचालिका श्रीमती सपना राजपूत, ऐश्वर्या ब्यूटी पार्लर की संचालिका श्रीमती दीप्ति खरे, क्वीन्स ब्यूटी पार्लर की संचालिका श्रीमती अलका मिश्रा एवं स्वदेशी जागरण मंच की प्रांत महिला प्रमुख डॉ. सोनल राय अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “क्वीन ऑफ कल्चर” प्रतियोगिता रही, जिसमें महिलाओं ने देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में रैंप वॉक कर अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और भारतीय संस्कृति की खूबसूरती को प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में कश्मीर की पारंपरिक वेशभूषा का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रीमती निशा शर्मा प्रथम स्थान प्राप्त कर “क्वीन ऑफ कल्चर” चुनी गईं, जबकि राजस्थान की वेशभूषा में श्रीमती रूपा शर्मा उपविजेता रहीं।
महिलाओं के हुनर को मिला मंच, लगाए गए विभिन्न स्टॉल
कार्यक्रम में महिलाओं की प्रतिभा और स्वावलंबन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के स्टॉल भी लगाए गए। इनमें महिलाओं द्वारा स्वयं अपने घर पर तैयार किए गए पोटली बैग, रेजिन आर्ट की वस्तुएं, भगवान जी की आकर्षक पोशाकें, हस्तनिर्मित साबुन, घर में तैयार किए गए पापड़ सहित अन्य हस्तनिर्मित एवं घरेलू उत्पादों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
इन स्टॉल के माध्यम से महिलाओं ने न केवल अपने हुनर और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, बल्कि अपने बनाए उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने और महिला उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ाया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और महिलाओं ने इन स्टॉलों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, उसे मंच देने और आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का संयोजन सार्थी विश्वकर्मा कल्याण सेवा संगठन महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती एकता विश्वकर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती एकता विश्वकर्मा ने कहा कि, “महिलाओं को केवल दर्शक नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता दिखाने के लिए मंच मिलना चाहिए। ऐसे आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ हमारी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं। हमारा प्रयास है कि समाज की हर महिला को अपनी प्रतिभा और हुनर को पहचानने, उसे प्रदर्शित करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले। जब महिलाओं को मंच और प्रोत्साहन मिलता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, रैंप वॉक, विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा, महिला उद्यमियों के स्टॉल, सावन की उमंग और महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
