
मंडला। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बम्हनी बंजर उप तहसील कार्यालय परिसर में रिश्वत लेते एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़ा है। मामले में नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और निजी व्यक्ति हरीश सिंगौर के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मंडला जिले के ग्राम सिल्गी निवासी 55 वर्षीय रोहणी प्रसाद चंद्रौल ने अपने पिता के नाम दर्ज कृषि भूमि का नामांतरण अपने बेटे आलोक चंद्रौल के नाम कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद वह बम्हनी बंजर उप तहसील कार्यालय पहुंचे।
आरोप है कि नामांतरण आदेश करने के बदले नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और उनके कार्यालय में बाबू के रूप में काम कर रहे निजी व्यक्ति हरीश सिंगौर ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में की।
शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत की रकम 8 हजार रुपये तय हुई। इसके बाद 17 सितंबर 2026 को लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया। हरीश सिंगौर को उप तहसील कार्यालय परिसर में 8 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
कार्रवाई टीएलओ निरीक्षक शशि कला मुस्कुले, निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने की। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगे तो इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में करें।
