अवामी लीग ने साधु चिन्मय दास के उत्पीड़न की निंदा की, ‘इस्लामवादी न्यायपालिका’ पर साधा निशाना

ढाका, 12 सितंबर (वार्ता) बंगलादेश में अवामी लीग ने मां के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोते बंगलादेशी हिंदू साधु चिन्मय कृष्ण दास का भावुक वीडियो वायरल होने के बाद बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सरकार पर निशाना साधा है।

अवामी लीग ने सरकार पर इस्लामवादियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए श्री दास को उनकी मां के अंतिम पलों में मिलने की इजाजत न देने के लिए ‘इस्लामवादी-नियंत्रित न्यायपालिका’ की तीखी आलोचना की है।

बंगलादेश में अब प्रतिबंधित हो चुकी अवामी लीग ने कहा कि श्री दास मां से अंतिम समय में मिल सकें, इसलिए उनके परिवार की ओर से मांगी गयी पैरोल याचिका बंगलादेशी अधिकारियों ने खारिज कर दी थी।

अवामी लीग ने ‘एक्स’ पर कहा, “मां के निधन की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही अदालत ने इस अल्पसंख्यक अधिकार कार्यकर्ता को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए केवल पांच घंटे की मोहलत दी।”

पार्टी ने आरोप लगाया कि अदालत उनकी ‘मनमानी गिरफ्तारी और 600 से अधिक दिनों से जारी जेल की सजा को लगातार मंजूरी दे रही है।’

हिरासत से मिली इस छोटी-सी छूट के दौरान श्री दास का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो में वे अन्य साधुओं से घिरे बेकाबू होकर रोते दिख रहे हैं और जेल लौटने से पहले चटगांव के पुंडरीक धाम मंदिर में राधा-कृष्ण की मूर्ति का चरण स्पर्श करते नजर आ रहे हैं।

बंगलादेश सम्मिलित सनातन जागरण जोत के प्रवक्ता और इस्कॉन से जुड़े रहे श्री चिन्मय दास को राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने के आरोपों में देशद्रोह के मामले के तहत नवंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था।

अगस्त 2024 में छात्रों के हिंसक आंदोलन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किये जाने के बाद उपजे असंतोष के बीच उनके संगठन ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए अधिक सुरक्षा और अधिकारों की मांग को लेकर कई रैलियां की थीं।

स्थानीय मीडिया के अनुसार श्री दास छह आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें से चार में उन्हें उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। दो अन्य मामलों में हालांकि जारी कानूनी कार्रवाई के कारण वे अब भी हिरासत में हैं। देशद्रोह के मामले में उनकी जमानत पर रोक बरकरार है, जबकि उनके खिलाफ हत्या के एक मामले की सुनवाई चटगांव स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल में चल रही है। यह हत्या का मामला सरकारी वकील सैफुल इस्लाम अलीफ की हत्या से जुड़ा है, जिनकी चटगांव में श्री दास की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने धारदार हथियार से हत्या कर दी थी।

अवामी लीग ने कहा कि श्री दास का मामला बंगलादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार और उसके बाद वर्तमान सत्ताधारी बीएनपी के शासनकाल में अल्पसंख्यकों की व्यापक स्थिति को दर्शाता है।

पार्टी ने कहा, “यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि यूनुस के नेतृत्व वाले अंतरिम शासन में लाखों अल्पसंख्यकों के जीवन पर जो भयावह स्थिति बनी हुई थी, वह अब भी अल्पसंख्यकों को प्रभावित कर रही है।”

पार्टी ने पूर्व अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर बढ़ते इस्लामवादी राजनीतिक माहौल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि इस वर्ष फरवरी में बीएनपी के सत्ता में आने के बाद भी स्थितियां वैसी ही बनी हुई हैं।

पार्टी के अनुसार, “श्री यूनुस के इस्लामवादी शासन ने देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने पर गहरा आघात किया और इस दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ निर्मम हत्याओं का दौर और अन्य अत्याचार देखे गये।”

अवामी लीग ने कहा, “इस साधु को इतने क्रूर उत्पीड़न का सामना केवल इसलिए करना पड़ा क्योंकि उन्होंने राज्य की ओर से उन पर ढहाये जा रहे जुल्मों का पर्दाफाश करने का प्रयास किया था।”

 

 

 

Next Post

ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने पूर्वी-पश्चिमी तेल पाइपलाइन अस्थायी रूप से बंद की

Sat Sep 12 , 2026
रियाद, 12 सितंबर (वार्ता) सऊदी अरब ने शुक्रवार को ड्रोन हमले के बाद अपनी महत्वपूर्ण पूर्वी-पश्चिमी तेल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इस दौरान, ईरान समर्थित यमन के हूती लड़ाकों ने लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित एक रणनीतिक द्वीप पर कब्जा कर लिया है, […]

You May Like