
सतना/चित्रकूट। सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी अपनी पत्नी के साथ बुधवार को धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने यहां श्री तुलसीपीठ में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और श्री राघव जू सरकार के दर्शन किए।
चित्रकूट प्रवास के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचाय दिव्यांग विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने जनरल श्री द्विवेदी के सम्मान में योग प्रदर्शन एवं संगीत प्रस्तुति दी, जिसकी उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इसके बाद जनरल ने दिव्यांग विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को किट वितरित कीं। उन्होंने तुलसीप्रज्ञा चक्षु उच्च माध्यमिक दिव्यांग विद्यालय के विद्यार्थियों को भी विभिन्न उपहार प्रदान किए। बताया गया है कि सेनाध्यक्ष उपेन्द्र द्विवेदी लगभग 5 घंटे तक चित्रकूट के प्रवास पर रहे। यहां उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य से आध्यात्मिक विषय पर चर्चा की।
सदगुरु नेत्र चिकित्सालय में किया भ्रमण
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी पत्नी सुनीता द्विवेदी के साथ सदगुरु नेत्र चिकित्सालय भी पहुंचे। यहां डॉ. ईलेश जैन, डॉ. आलोक सेन और सुबीश के. ने उन्हें पूरे चिकित्सा प्रकल्प का भ्रमण कराया। जनरल ने यहां विट्रियो रेटिना और मोतियाबिंद के प्रशिक्षु डॉक्टरों के लिए लाई गई मॉडर्न सिमुलेटर मशीन का उद्घाटन किया। यह मशीन इस क्षेत्र में पहली बार लगाई गई है।
डॉक्टर भगवान के बाद सबसे बड़े
इस मौके पर उन्होंने कहा, मैं एक चिकित्सा पृष्ठभूमि से आता हूं और मानता हूं कि डॉक्टर भगवान के बाद सबसे बड़े होते हैं। नेत्र चिकित्सा हमारे सैनिकों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां जो सेवा हो रही है, वह निस्संदेह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने पद्मश्री डॉ. बुधेन्द्र कुमार जैन को सम्मान मिलने पर बधाई दी और कहा कि सेना के अधिकारियों को इस सेवा कार्य को देखकर प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने भारतीय सेना की ओर से डॉ. जैन को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
ट्रस्ट की ओर से सम्मान
कार्यक्रम के अंत में ट्रस्टी डॉ. बी. के. जैन ने जनरल उपेन्द्र द्विवेदी और सुनीता द्विवेदी का धन्यवाद किया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूरÓ में सेना के शौर्य की प्रशंसा की और जनरल द्विवेदी को इसके लिए बधाई दी।
जनरल के बड़े भाई भी पहुंचे
इस मौके पर मंच पर उषा जैन, डॉ. पी.सी. द्विवेदी (जनरल द्विवेदी के बड़े भाई), डॉ. रंजीत एच. मणियार, कर्नल एस.के. मिश्रा, और डॉ. ईलेश जैन उपस्थित रहे। सदगुरु परिवार और उपस्थित गणमान्यजनों ने इस अवसर को गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक बताया।
