आंगनवाडी कार्यकर्ता पर अपराधिक मामला दर्ज, कूटरचित दस्तावेज से हासिल की नौकरी, बर्खास्त की गईं

शिवपुरी: सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेने वाली आंगनबाड़ी सहायिका के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। पोहरी जनपद के ग्राम अहेरा के मडखेड़ा केंद्र पर कार्यरत सहायिका अनुक्शा यादव को न केवल पद से बर्खास्त कर दिया गया है, बल्कि उनके विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी का अपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराया गया है।

यह गंभीर मामला उस समय प्रकाश में आया जब मुख्यमंत्री मोहन यादव शिवपुरी दौरे पर थे। अहेरा गांव के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को सीधे इस फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद गांव में विशेष समस्या समाधान शिविर लगाया गया, जहां ग्रामीणों ने सहायिका के मूल निवास प्रमाण पत्र पर सवाल उठाए। तहसीलदार पोहरी द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अनुक्शा यादव अहेरा गांव की स्थायी निवासी हैं ही नहीं।

नियुक्ति के वक्त एमपी ऑनलाइन चयन पोर्टल पर लाभ पाने के लिए उन्होंने कूटरचित मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज पेश किए थे। जांच में स्पष्ट हुआ कि उनके परिवार का वहां कभी कोई निवास नहीं रहा। फर्जीवाड़ा प्रमाणित होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने कड़ा रुख अपनाया। विभाग ने तत्काल प्रभाव से सहायिका को सेवा से पृथक कर दिया है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी ने पोहरी थाने में संबंधित धाराओं के तहत अनुक्शा यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

Next Post

16 साल की किशोरी का अपहरण कर किया बलात्कार

Sun Jan 4 , 2026
कोलारस: कोलारस थाना सीमा में निवास करने वाली एक 16 साल की किशोरी का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार कर दिया गया। इस घटना के बाद किशोरी को अपहरणकर्ता युवक उसके घर वापस छोड़ आए। पुलिस ने पीडिता की रिपोर्ट पर मुख्य आरोपी सहित तीनों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज […]

You May Like