नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शनिवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिका तथा इजराइल की आलोचना की और कहा कि किसी भी देश को अपनी जमीन का इस्तेमाल दूसरे देश को धमकाने या उस पर हमला करने के लिए नहीं करने देना चाहिए।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री पेजेशकियान ने कहा कि स्थायी सुरक्षा तभी हासिल की जा सकती है जब राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु संयंत्रों को हमलों या धमकियों से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “किसी भी देश को अपनी जमीन का इस्तेमाल दूसरे देश को धमकाने या उस पर हमला करने के लिए नहीं करना चाहिए। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचों पर हमलों को सामान्य मानने का विरोध करना चाहिए, और शांतिपूर्ण परमाणु संयंत्रों को हमलों और हमलों की धमकियों से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।”
ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के छह महीने बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमले कर रहा है। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए हमलों की निंदा की है। पेजेशकियान ने कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु संयंत्रों पर हमले केवल एक देश के जुड़ा मामला नहीं है, यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।
पेजेशकियान ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक शासन की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करती है कि वह सभी देशों की रक्षा करने में कितनी सक्षम है, चाहे उनका आकार या ताकत कुछ भी हो। उन्होंने कहा, “अगर संयुक्त राष्ट्र चार्टर सदस्य देशों को बल के गैर-कानूनी इस्तेमाल से नहीं बचा सकता है, और अगर अंतरराष्ट्रीय नियम कुछ देशों के लिए बाध्यकारी हैं और दूसरों के लिए उनकी अलग-अलग व्याख्या की जा सकती है, तो सच्चे बहुपक्षवाद की बात करना बेमानी है।”
उन्होंने गाजा में फिलिस्तीनियों की पीड़ा को भी उजागर किया और ऐसी बहुपक्षीय व्यवस्था की वैधता पर सवाल उठाया जो युद्ध, नरसंहार और आक्रामकता के खिलाफ आम नागरिकों और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, “अगर बहुपक्षीय व्यवस्था युद्ध, नरसंहार और आक्रामकता के खिलाफ इंसानी जिंदगी और देशों की संप्रभुता की रक्षा नहीं कर सकता, तो इसकी वैधता पर कैसे भरोसा किया जा सकता है?”
अमेरिका द्वारा ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत लगाए गए भारी प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ब्रिक्स के मंच से तीन अहम प्रक्रियाओं का समर्थन करता है – संयुक्त चार्टर और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए सदस्यों के बीच मज़बूत राजनीतिक तालमेल; एकाधिकारवादी साधनों से स्वतंत्र आर्थिक और वित्तीय सहयोग का विस्तार; और विज्ञान, तकनीक, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में अधिक सहयोग, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए।
पेजेशकियन ने ब्रिक्स के बीच मजबूत तालमेल और न्याय पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की मांग की और कहा कि न्याय के बिना स्थायी सहयोग मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान ब्रिक्स के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए तैयार है जहां “ताकत कानून की जगह न ले, प्रतिबंध सहयोग की जगह न ले, और युद्ध बातचीत की जगह न ले”।
