
सीधी। दोहरे मानदेय घोटाले की जांच शुरु हो गई है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर एनआरएलएम और जिला पंचायत के सोशल आडिट में मानदेय फर्जीवाड़े के शिकायत की अतिरिक्त सीईओ जांच कर रहे हैं।
कलेक्टर की जन सुनवाई में शिकायती आवेदन पहुंचते ही जिला पंचायत सीईओ ने इसे काफी गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी है। जांच शुरू होते ही फर्जीवाड़ा में लिप्त लोगों में हडक़ंप मच गया है। दरअसल शिकायतकर्ता संदीप सिंह गहरवार निवासी अंधियारखोह सीधी द्वारा मानदेय घोटाले की जांच कराने को लेकर फरवरी 2026 से आवेदन दिया जा रहा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक दर्जन से ज्यादा ऐसे कर्मचारी हैं जो एनआरएलएम एवं जिला पंचायत सीधी की ऑडिट शाखा में कार्य कर मानदेय दोनो जगह से लिया जा रहा है।
दरअसल जिला पंचायत में सोशल ऑडिट एवं एनआरएलएम में सीआरपी, मास्टर ट्रेनर के पद में कार्य करने का समय एक ही है। दोनो पदों पर एक ही व्यक्ति द्वारा कार्य संपादन की कार्रवाई की जा रही है। एक कर्मचारी द्वारा तो महीने में 32 दिन का कार्य दिवस पूर्ण करते हुए मानदेय भी ले लिया गया, जो काफी हैरत करने वाला है। एनआरएलएम विभाग में सीआरपी और सीआरपी मास्टर एक माह में 20 दिवस एक बगिया मां के नाम, 10 दिवस कृषि सखी, 2 दिवस किसान पाठशाला का मानदेय प्राप्त किया था। साथ ही शिक्षा विभाग ने वहीं व्यक्ति अतिथि शिक्षक के रूप में, प्रदान संस्था में और जिला पंचायत ऑडिट शाखा में बीएसए के पद पर पदस्थ होकर शासन का मानदेय प्राप्त कर रहे हैं। इस पूरे मामले की शिकायत भोपाल तक भी पहुंची है। बताया गया है कि दो जगहों में शासकीय मानदेय लेने वालों में भाजपा की दो महिला पदाधिकारियों का नाम भी शामिल है।
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मानदेय घोटाले में दो दर्जन से ज्यादा शामिल
शिकायतकर्ता संदीप सिंह गहरवार का कहना है कि दो विभागों से लगातार मानदेय प्राप्त करने वाले एक दर्जन लोगों का नाम उनके पास मौजूद है। जिसकी जानकारी शिकायती आवेदन में दी गई है। जबकि मानदेय घोटालेबाजों की लंबी फेहरिश्त है। डबल मानदेय प्राप्त करने वालों की वास्तविक संख्या करीब 30 तक हो सकती है। उक्त विभागों की स्थिति यह है कि फर्जी मानदेय प्राप्त करने वालों की जानकारी छिपाई जा रही है।
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इनका कहना है
शिकायती आवेदन को जांच के लिये अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेजा गया है।
शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, सीईओ जिला पंचायत सीधी
जांच के लिये शिकायत प्राप्त हुई है। मेरे द्वारा एनआरएलएम एवं आडिट शाखा से प्रतिवेदन मांगा गया है। प्रतिवेदन के परीक्षण के पश्चात आगे वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जावेगी।
धनंजय मिश्रा, अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत सीधी
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