इंदौर: मालवा-निमाड़ अंचल में आदिवासी पर्व भगोरिया मंगलवार से प्रारंभ होने जा रहा है. एक सप्ताह तक चलने वाला यह उत्सव रंग, उमंग और परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा. गांव-गांव हाट सजेंगे और ढोल-मांदल की थाप से पूरा अंचल गूंज उठेगा.झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी सहित आसपास के क्षेत्रों में विशेष तैयारियां की गई हैं.
स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं. मेले में बांसुरी की मधुर तान और मांदल की गूंज वातावरण को सुरमयी बना देती है. पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों के थिरकते कदम इस उत्सव को जीवंत बना देते हैं. आसपास के गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में लोग इस सांस्कृतिक मेले को देखने पहुंचते हैं.
