
इंदौर. बैंक हड़ताल के कारण शुक्रवार को बैंक संबंधी कामकाज प्रभावित रहा. करोड़ों रुपये के भुगतान बैंकों के बंद होने के कारण अटके रहे और लोग परेशान होते रहे. बैंककर्मी सप्ताह में पांच दिन काम करने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे थे.
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के समझौते पर अनुमोदन में ढाई वर्ष की देरी तथा लंबित मांगों का निराकरन न किए जाने से नाराज देश के 8 लाख से अधिक बैंककर्मी आज राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल पर रहे. इस हड़ताल के कारण सभी 12 सार्वजनिक बैंकों, 13 संगठित निजी बैंकों, सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में बैंक सेवाएं ठप्प रहीं. बैंककर्मियों ने रैली, प्रदर्शन, सभा करके अपना विरोध प्रदर्शन किया. बैंककर्मियों ने सांठा बाजार स्थित बैक आफ इंडिया के समक्ष एकत्रित होकर प्रदर्शन किया और वहाँ से बोहरा बाजार, सराफा होते हुए रैली के रूप में प्रिंस यशवंत रोड पर स्टेट बैंक आफ इंडिया के समक्ष अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए. हडताली महिला बैंककर्मियों की अधिकतम भागीदारी उल्लेखनीय रही. फोरम के संयोजक मोहन कृष्ण शुक्ला के अनुसार इंदौर जिले की 848 बैंक शाखाओं में से लगभग 650 शाखाओं में काम न होने के कारण 257000 करोड़ रुपये से अधिक बैंकिंग प्रभावित हुआ. प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 4000 बैंककर्मी हड़ताल पर रहे. प्रदेश में 8707 शाखाओं में से लगभग 7000 शाखाओं में हड़ताल रहने के कारण प्रदेश का लगभग 15 लाख करोड़ का बैंक व्यवसाय प्रभावित हुआ.
जमकर नारेबाजी की
घटक यूनियंस के पदाधिकारी कन्हैया पाटीदार, नवीन मोदी, पंकज पोरवाल, अरविंद पोरवाल, मीनेष कसेरा ने रैली में बैंककर्मियों का नेतृत्व किया. बैंकवाइज यूनियंस के प्रतिनिधियों ने जमकर नारेबाजी की. अंत में स्टेट बैंक आफ इंडिया के कन्हैया पाटीदार ने सभी को धन्यवाद देते हुए आगाह किया कि आने वाले कार्यक्रमों में भी इसी प्रकार की उपस्थिति तथा जोश बनाए रखना है. सभा का संचालन रामदेव साइडीवाल ने किया.
