तिरुवनंतपुरम, 12 सितंबर (वार्ता) केरल औषधि नियंत्रण विभाग ने अगस्त 2026 के दौरान की गई प्रयोगशाला जांच के बाद 19 दवा नमूनों को “मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं” घोषित किया है।इन नमूनों में आम तौर पर उपयोग होने वाली कई दवाएं शामिल हैं, जैसे कि लोपेरामाइड हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट आईपी 2 एमजी, डिक्लोफेनाक सोडियम टैबलेट आईपी 50 एमजी, फोलिक एसिड टैबलेट आईपी 0.4 एमजी, मोंटेलुकास्ट टैबलेट आईपी 10 एमजी, पैरासिटामोल टैबलेट आईपी 500 एमजी और टेल्मिसार्टन टैबलेट आईपी 40 एमजी आदि।
इस सूची में शामिल अन्य उत्पादों में कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट आईपी (500 एमजी 250 आईयू), साइक्लोफॉस्फेमाइड टैबलेट आईसी 50 एमजी, गैस्ट्रो-राफ्ट (सोडियम एल्जिनेट, सोडियम बाइकार्बोनेट और कैल्शियम कार्बोनेट च्यूएबल टैबलेट), सोडियम बाइकार्बोनेट टैबलेट आईपी 500 एमजी, एनालाप्रिल मैलेट टैबलेट आईपी 5 एमजी और ओमेप्राज़ोल कैप्सूल आईपी (ओमक्योर) शामिल हैं।
औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन दवाओं का निर्माण हरियाणा, केरल, उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में स्थित विभिन्न दवा कंपनियों द्वारा किया गया था।
स्विस गार्नियर लाइफ साइंसेज (हिमाचल प्रदेश) और केरल स्टेट ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (अलाप्पुझा) द्वारा बनाई गई टेल्मिसार्टन टैबलेट आईपी 40 एमजी का नाम सूची में एक से अधिक बार आया है। हीलर्स लैब यूनिट II, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा बनाई गई पैरासिटामोल टैबलेट आईपी 500 एमजी का नाम भी कई प्रविष्टियों में शामिल है।
इस सूची में विद्याश फार्मा (जौहर, हिमाचल प्रदेश) की बनाई गई एनालमेट-5 (एनालाप्रिल मैलेट टैबलेट आईपी 5 एमजी) और फाइनक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (गुजरात) की बनाई गई ओमेप्राज़ोल कैप्सूल आईपी (ओमक्योर) भी शामिल हैं।
औषधि नियंत्रण विभाग ने उन नमूनों की जानकारी जारी की है जो तय मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए; इनमें निर्माता के नाम, बैच नंबर और निर्णाण व समाप्ति की तारीखें शामिल हैं।
