नई दिल्ली, एशियाई खेलों का 20वां संस्करण इस बार जापान के आईची-नागोया में आगामी 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारत के चुनिंदा और दमदार एथलीटों का दल एक बार फिर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह तैयार है। पिछले साल हांगझोऊ में हुए 19वें एशियन गेम्स में भारतीय दल ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 28 स्वर्ण, 38 रजत और 40 कांस्य समेत कुल 106 पदक जीतकर इतिहास रच दिया था और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था।
एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का शानदार सफर, एथलेटिक्स और शूटिंग में रहा है सबसे ज्यादा दबदबा
वर्ष 1951 में नई दिल्ली में पहले एशियन गेम्स की मेजबानी करने वाले भारत ने पिछले 19 संस्करणों में कुल 778 पदक (183 स्वर्ण, 238 रजत और 357 कांस्य) अपने नाम किए हैं और कुल पदक तालिका में पांचवां स्थान हासिल किया है। भारत को सबसे अधिक सफलता एथलेटिक्स (283 पदक) में मिली है, जिसके बाद निशानेबाजी, कुश्ती और मुक्केबाजी का स्थान आता है, जबकि महान धावक पीटी उषा 11 पदक जीतकर देश की सबसे सफल एथलीट रही हैं।
ईरान से स्वर्ण पदकों की संख्या में आगे निकलने का सुनहरा अवसर, 2026 के महामुकाबले में रचा जा सकता है नया इतिहास
वर्तमान ऑल-टाइम मेडल टैली में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के बाद ईरान चौथे स्थान पर है, जिसके पास 192 स्वर्ण पदक हैं, जबकि भारत के खाते में 183 स्वर्ण पदक दर्ज हैं। कम कुल पदक होने के बावजूद स्वर्ण पदकों की संख्या अधिक होने से ईरान भारत से ऊपर है, ऐसे में एशियन गेम्स 2026 के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के पास ईरान को पीछे छोड़ते हुए पदक तालिका में आधिकारिक रूप से चौथा स्थान हासिल करने का सबसे बेहतरीन मौका रहेगा।

