बर्मिंघम, इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान के युवा और डेब्यूटेंट बल्लेबाज रजाउल्लाह खान ने अपने खेल से सभी को हैरान कर दिया। तीन मैचों की इस सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में लगातार हार का सामना करने के बाद पाकिस्तान की टीम पहली पारी में सिर्फ 133 रन पर ढेर हो गई थी, जिससे इंग्लैंड ने विशाल बढ़त हासिल कर ली थी। एक वक्त ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान को पारी की बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा, लेकिन नंबर 9 पर बल्लेबाजी करने आए 21 वर्षीय रजाउल्लाह ने इंग्लिश गेंदबाजों के खिलाफ जबरदस्त प्रहार करते हुए मैच का रुख ही बदल दिया।
मोहम्मद अब्बास के साथ रिकॉर्ड साझेदारी कर संभाली पारी, इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर की धुलाई
रजाउल्लाह ने क्रीज पर उतरते ही तेज गति से रन बनाना शुरू किया और महज 43 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उन्होंने गस एटकिंसन और जोफ्रा आर्चर जैसे अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के चारों ओर बड़े शॉट लगाए। इस युवा बल्लेबाज ने अपनी 81 रन की तूफानी पारी के दौरान कुल 9 छक्के जड़े, जिससे उन्होंने टेस्ट डेब्यू पर सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इसके साथ ही उन्होंने मोहम्मद अब्बास के साथ नौवें विकेट के लिए 121 रनों की ऐतिहासिक शतकीय साझेदारी कर टीम के स्कोर को 449 रन तक पहुंचाया।
पाकिस्तान ने मैच में की जोरदार वापसी, अब इंग्लैंड के सामने जीत के लिए है 130 रनों का लक्ष्य
रजाउल्लाह और अब्बास के बीच हुई इस रिकॉर्ड साझेदारी के दम पर पाकिस्तान ने मैच में शानदार वापसी करते हुए मेजबान टीम पर दबाव बना दिया है। पाकिस्तानी पारी 449 रन पर सिमटने के बाद अब इंग्लैंड को यह तीसरा टेस्ट मुकाबला जीतने और सीरीज में 3-0 से सफाया करने के लिए चौथी पारी में 130 रनों की दरकार है। हालांकि इंग्लैंड की टीम सीरीज जीतने की पूरी कोशिश करेगी, लेकिन रजाउल्लाह की इस ऐतिहासिक और साहसिक पारी ने इस एकतरफा मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है।

