
सारनी में मानसून की दस्तक के साथ ही शहर की बिजली व्यवस्था एक बार फिर पूरी तरह चरमराती नजर आने लगी है। और घंटों तक बिजली गुल रही।बुधवार शाम लगभग 4 बजे हल्की हवा और मामूली बारिश के बाद ही शहर की बिजली अचानक गुल हो गई। देर रात बारह बजे तक रही बिजली गुल । जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। सूत्रों के अनुसार 33 केवी लाइन के दो तार टूट जाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई।
गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से बिजली विस्तारीकरण कार्य को लेकर ठेकेदार व बिजली विभाग और नगर पालिका लगातार चर्चाओं में रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर शहर में बिजली विस्तार और सुधार के दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। रहवासियों का आरोप है कि जरा सी हवा या बारिश होते ही शहर अंधेरे में डूब जाता है, जिससे यह साफ प्रतीत होता है कि बिजली विस्तारीकरण कार्य में भारी अनियमितता और लापरवाही बरती गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका इंजीनियरों और बिजली विभाग के आला अधिकारियों की मिलीभगत से कार्यों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। इतना ही नहीं, जिला स्तरीय जांच दल पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिसके चलते आज तक किसी भी दोषी पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
रहवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह असुरक्षित बनी हुई है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जबकि अधिकारी आर्थिक लाभ लेकर चैन की नींद सो रहे हैं। लोगों ने जिला कलेक्टर बैतूल से मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में मानसून के दौरान हालात और भी बदतर हो सकते हैं।
