हैदराबाद, भारतीय स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट को वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के ट्रायल में हिस्सा लेने की उम्मीदों को उस वक्त करारा झटका लगा, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार देर रात हुई सुनवाई के दौरान उनकी याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया। अदालत में सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा तय किए गए पात्रता मानदंडों में किसी एक व्यक्तिगत खिलाड़ी के लिए छूट नहीं दी जा सकती, क्योंकि ये नियम सभी पहलवानों पर समान रूप से लागू होते हैं और इन्हें केवल एक खिलाड़ी के पक्ष में बदला नहीं जा सकता है।
गर्भावस्था और रिकवरी के चलते शर्तों पर खरी नहीं उतरीं विनेश, नए मानदंडों को दी थी कोर्ट में चुनौती
भारतीय कुश्ती महासंघ ने 7 सितंबर को छह ओलंपिक भार वर्गों के ट्रायल के लिए नए नियम जारी किए थे, जिसके तहत कुछ विशिष्ट प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं, नेशनल कैंप के खिलाड़ियों और अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप के चुनिंदा पहलवानों को ही योग्य माना गया था। विनेश फोगाट ने इन नियमों को चुनौती देते हुए कोर्ट को बताया था कि जुलाई 2025 में मां बनने के बाद गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और रिकवरी अवधि के कारण वे निर्धारित क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, जिसके चलते वे अनजाने में इन पात्रता शर्तों से बाहर हो गई हैं।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी ठुकराई गई, ट्रायल में एंट्री का रास्ता फिलहाल बंद
विनेश फोगाट ने अदालत से केवल वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल में शामिल होने की अनुमति ही नहीं मांगी थी, बल्कि मातृत्व अवकाश या प्रसव के दौर से गुजरने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए चयन प्रक्रिया में विशेष छूट और वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की भी पुरजोर मांग की थी। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट के इस सख्त और स्पष्ट फैसले के बाद फिलहाल विनेश फोगाट के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप के आगामी ट्रायल्स में भाग लेने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे उनके खेल करियर के इस पड़ाव पर एक बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है।

