
अदन, 10 सितंबर (वार्ता) यमन के दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लाल सागर बंदरगाह शहर मोखा पर हूती विद्रोही समूह ने गुरुवार को कब्जा कर लिया। हूती लड़ाके अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन के लिए महत्वपूर्ण मार्ग बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई घंटे तक चली भीषण लड़ाई के बाद हूती बल मोखा में दाखिल हुए और सरकारी सैनिकों को दक्षिण की ओर धुबाब की तरफ पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया। धुबाब मोखा और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के बीच स्थित एक तटीय इलाका है। मोखा और उसके आसपास तथा पश्चिमी तट के अन्य इलाकों में हुई लड़ाई के कारण हजारों परिवार विस्थापित हुए हैं। इस बीच, सरकारी समाचार एजेंसी सना ने बताया कि सऊदी अरब के युद्धक विमानों ने पिछले कुछ घंटों में ताइज, होदेइदाह, अल-जौफ और मारिब प्रांतों में करीब 40 हवाई हमले किये हैं। इस रिपोर्ट पर सऊदी अरब की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गयी है।
मोखा शहर और उसके बंदरगाह पर कब्जा यमन के पश्चिमी तट पर युद्ध के मोर्चे में बड़े बदलाव का संकेत है। इससे हूती बल बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के और करीब पहुंच गये हैं। यह संकरा समुद्री मार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। मोखा जलडमरूमध्य के सबसे संकरे हिस्से से करीब 70 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। पिछले कुछ दिनों में यमन के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में लड़ाई तेज हो गयी है। साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के बाद यह संघर्ष में सबसे तेज बढ़ोतरी में से एक है। इस युद्धविराम ने बड़े पैमाने पर जारी शत्रुता को काफी हद तक रोक दिया था। यमन में संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ, जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में हस्तक्षेप किया था।
