
बालाघाट, मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने 10 सितम्बर को बालाघाट प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर जनजाति क्षेत्रों के विकास के संबंध में निर्देश दिये। बैठक में विधायक श्री गौरव सिंह पारधी, श्री संजय उइके, श्री मधु भगत, पिछडा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम बिसेन, नगर पालिका बालाघाट की अध्यक्ष श्रीमती भारती ठाकुर भी उपस्थित थी। इस बैठक में जबलपुर संभाग के कमिश्नर श्री धनंजय सिंह, भोपाल से स्वास्थ्य आयुक्त श्री एस धनराजु एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थी।
जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि बैगा जनजाति बहुल क्षेत्रों में नर्सिंग स्टाप एवं बाल विकास परियोजना से संबंधित कोई भी पद खाली नही रहना चाहिए, इन पदों की 15 दिनों के भीतर पूर्ति की जाए। उन्होंने बताया कि जनजाति कार्य विभाग द्वारा बैगा जनजाति के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बैहर, बिरसा एवं परसवाडा तीनो विकासखंड एक-एक एम्बुलेंस उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसका प्रस्ताव जनजाति कार्य विभाग को प्रस्तुत करने कहा। मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि बैगा जनजाति की बस्तियों में आने जाने के रास्ते पक्के बनाये जाएंगे और एक भी बैगा बस्ती पहुंच विहिन नही रहेगी। सभी बैगा बस्तियों में सीमेंट-कांक्रीट सडक बनाये जाएंगे। बैगा जनजाति के लोगो को प्रधानमंत्री आवास के लिए 2.5 लाख रुपए दिये जा रहे है और बैगा बस्तियों में बिजली, पानी की सुविधा अनिवार्य रूप से रहेगी।
जिले में खुलेगा बैगा मार्ट
मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि शहरों में संचालित मॉल की तर्ज पर बैगा बहुल क्षेत्रों में ‘बैगा मार्ट’ खोलने की दिशा में जनजातीय कार्य विभाग काम कर रहा है। प्रथम चरण में खण्डवा, मण्डला, शहडोल एवं धार में ट्राइबल मार्ट खोले जा रहे है। इसी तर्ज पर बालाघाट जिले में भी बैगा मार्ट खोला जाएगा। इसका संचालन स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जाएगा और उसे मार्ट खोलने के लिए 05 करोड रुपए का ऋण एवं 05 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिलाया जाएगा। इस मार्ट से जनजाति क्षेत्र के ग्रामों के युवाओ को जोडा जाएगा और उन्हें इस मार्ट से 25 प्रतिशत डिस्काउंट पर सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे जनजाति क्षेत्र के युवा स्थानीय स्तर पर सस्ती सामग्री बेच कर स्वयं के लिए भी आय का जरिया तैयार कर सकेंगे। इन मार्ट में बैगा जनजाति के लोगों के लिए कपड़े एवं अन्य आवश्यक सामग्री सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजाति क्षेत्र में हितग्राहियों को 02 माह का राशन एकमुश्त निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से वितरित किया जाए। उन्होंने जनजाति क्षेत्र के प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक उचित मूल्य दुकान के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने आंगनवाडी की सेवाओ को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि आंगनवाडी में दर्ज सभी बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति होना चाहिए। जो बच्चे आंगनवाडी में नही आ रहे है उनके हिस्से का खाद्यान्न वापस करने वाली कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक को प्रोत्साहित किया जाएगा।
स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर शिक्षा व भोजन व्यवस्था की होगी नियमित मॉनिटरिंग
मंत्री डॉ. विजय शाह ने बैठक में बताया कि जिले के जनजाति वर्ग के छात्र छात्राओ के लिए संचालित छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे है। छात्रावास के सभी बच्चों का माह में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रत्येक बच्चे का हेल्थ कार्ड बनाना सुनिश्चित किया जा रहा है। छात्रावास अधीक्षक रात्रि में छात्रावास में ही रहें, इसकी मानिटरिंग की जाएगी। छात्रावास में नही रहने वाले अधीक्षक को अगले दिन ही कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। छात्रावास में सुबह और रात के समय दिये जाने वाले भोजन के साथ छात्रावास अधीक्षक को सेल्फी लेकर वरिष्ठ अधिकारी को भेजना होगा। छात्रावास में हर माह पालको की बैठक आयोजित करना होगा। प्रत्येक छात्रावास में बच्चों की कोचिंग की व्यवस्था सुनिश्चित होना चाहिए। छात्रावास के बच्चों का परीक्षा परिणाम 33 प्रतिशत से कम आने पर अधीक्षक को हटा दिया जाएगा। सभी छात्रावासों में पर्याप्त संख्या में बेड होना चाहिए। किसी भी पलंग पर 02 बच्चें नही रहेंगे। सभी छात्रावासों में वाटर प्यूरिफायर की व्यवस्था रहेगी। छात्रावासों में बिजली की सुविधा के लिए सोलर पेनल लगाने विभाग द्वारा 200 करोड रुपए स्वीकृत किये गए है।
छात्रावासों की निगरानी के लिए जनप्रतिनिधि व अधिकारी होंगे संबद्ध
मंत्री डॉ. विजय शाह ने बताया कि प्रत्येक छात्रावास पर निगरानी के लिए क्षेत्र के एक-एक जनप्रतिनिधि को छात्रावास आवंटित किया जाएगा, जिसमें वे सप्ताह के एक दिन जाकर बच्चो के साथ संवाद करेंगे। इसी प्रकार जिला प्रशासन द्वारा भी प्रत्येक छात्रावास के लिए एक अधिकारी संबंद्ध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनजाति कार्य विभाग द्वारा बालाघाट जिले के बैहर, बिरसा, परसवाडा विकासखंड में 07 सांदीपनि विद्यालय के प्रस्ताव तैयार किये गए है। उन्होंने सांदीपनि विद्यालय के 20 किमी की परिधि के बच्चों के स्कूल आने के लिए बस का टेण्डर करने के निर्देश भी दिये। जनजाति कार्य विभाग द्वारा कॉलेज पढने वाली बालिकाओ के लिए अलग से बसो की व्यवस्था भी करने कार्य योजना बनायी जा रही है। इसमें बैहर क्षेत्र को भी 10 बसे मिलने की संभावना है।
बैठक में मुख्य वन संरक्षक श्री गौरव चौधरी, कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, वनमण्डलाधिकारी श्री नित्यानंदम एल, श्री रेशम सिंह धुर्वे, जिला पंचायत सीईओ सुश्री तनुश्री मीणा, अपर कलेक्टर श्री डीपी बर्मन, संयुक्त आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री नरोत्तम वरकडे, श्री सुधांशु वर्मा, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघन सिंह दाहिया एवं सभी विभागो के अधिकारी उपस्थित थे।
