नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में होने वाला BRICS समिट वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। 12 और 13 सितंबर को 11 देशों के नेता एक टेबल पर बैठकर दुनिया से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। BRICS की शुरुआत 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ हुई थी, जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका और फिर मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई और इंडोनेशिया जैसे देश इसमें शामिल हुए।
इस बार समिट के एजेंडे में इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, फूड सिक्योरिटी, हेल्थ, क्लाइमेट और ग्लोबल गवर्नेंस जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कारोबार में डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिशों पर भी दुनिया की नजर है। BRICS की ओर से फिलहाल कोई नई साझा करेंसी लाने की घोषणा नहीं है, लेकिन सदस्य देशों के बीच लोकल करेंसी में व्यापार बढ़ाने की दिशा में प्रयास जरूर किए जा रहे हैं।
