
रीवा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के रीवा स्थित निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कथित उपद्रव और शहर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों के विरोध में रीवा शहर के व्यापारियों ने मौन जुलूस निकाला.साई मंदिर से शुरू हुआ मौन जुलूस नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरा. इसमें फुटकर विक्रेताओं, ठेला-घूमटी संचालकों सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया. व्यापारियों ने कांग्रेस की कथित अराजक एवं असंसदीय गतिविधियों की निंदा की. व्यापारी नेता नरेश काली ने कहा कि रीवा की स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पूरे विंध्य क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है. बाहर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के कारण होटल, ऑटो, चाय-नाश्ता, फुटकर व्यापार और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिलता है. उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नकारात्मक वातावरण बनाया जाता है तो इसका सीधा असर रीवा के स्थानीय व्यापार पर पड़ सकता है. व्यापारी कमलेश सचदेवा ने कहा कि रीवा की चिकित्सा व्यवस्था लगातार आधुनिक और सुविधायुक्त हो रही है. बड़ी संख्या में मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे रीवा की चिकित्सा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी दिखाई देता है. मौन जुलूस में गणेश अग्रवाल, घनश्याम टंकर, सुनील अग्रवाल, बंसी साहू, राजन वर्मा, अतुल जैन, नरेंद्र गुप्ता, मनोज अग्रवाल, जयंत खन्ना, प्रकाश तरानी, नंदलाल तंबाकड़, राजा आहूजा, अनिल बुधनी, धनंजय सोनी, पंकज जैन, अनिल श्रीवास्तव, संजीव गुप्ता, संजय चावला सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे.
पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याप्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा लगातार स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करना एक सुनयोजित राजनीतिक अभियान जैसा प्रतीत होता है. उन्होने कहा कि रीवा को स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. लेकिन चिकित्सकों का मनोबल कमजोर किया जा रहा है.
