नयी दिल्ली, 09 सितंबर (वार्ता) केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बुधवार को वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ विषय पर नौवें ‘राष्ट्रीय पोषण माह 2026’ की शुरुआत की। इसके तहत पर पोषण के लिए एक महीने तक चलने वाले देशव्यापी ‘जन आंदोलन’ का आगाज़ किया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, उत्तर प्रदेश सरकार में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य शामिल हुईं। इनके साथ केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, विकास सहयोगी, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता और लाभार्थी भी मौजूद थे।
श्री योगी ने इस मौके पर ‘पोषण अभियान’ के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और जमीनी स्तर पर पोषण सेवाओं को मजबूत करने में आंगनवाड़ी केंद्रों की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुपोषण-मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागों के बीच लगातार तालमेल, समुदाय की सक्रिय भागीदारी और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का समर्पण बहुत जरूरी है। पिछले कुछ वर्षों में हुए अहम् सुधारों का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि बेहतर अवसंरचना और सीखने के माहौल के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को जीवंत सामुदायिक संस्थानों के रूप में उन्नत और नवीनीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिये गये हैं, जिससे रियल-टाइम डेटा एंट्री और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए बेहतर सेवा डिलीवरी संभव हो पायी है। पूरक पोषण सेवाओं को मजबूत करने पर जोर देते हुए श्री योगी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र अब पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से हॉट कुक्ड मील (ताजा पका हुआ भोजन) और टेक होम राशन उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे राज्य भर में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण परिणामों में सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पोषण में किया गया निवेश कभी बेकार नहीं जाता, क्योंकि इससे स्वस्थ बच्चे, सशक्त परिवार और एक मज़बूत राष्ट्र के रूप में जीवन भर लाभ मिलता है।
श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ के माध्यम से पोषण परिणामों में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और बताया कि वर्तमान में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र 7.5 करोड़ से अधिक बच्चों, 1.10 करोड़ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और लगभग 16 लाख किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बचपन की देखभाल की सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। जीवन के शुरुआती 1,000 दिनों के महत्व पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने बताया कि सरकार दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ के रूप में उच्च स्तर पर विकसित कर रही है, जिनमें से उत्तर प्रदेश में लगभग 24,000 केंद्रों को मंज़ूरी दी गयी है।
उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के कार्यान्वयन के 10 साल पूरे हो गये हैं और अब तक देश भर में 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गयी है। उन्होंने आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन सेवन, ताज़ा हॉट कुक्ड मील, स्वच्छता और प्रारंभिक बचपन के विकास में सामुदायिक भागीदारी की भूमिका को रेखांकित किया और नागरिकों से ‘सुपोषित भारत’ और ‘विकसित भारतएट2047’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए पोषण को एक सच्चा ‘जन आंदोलन’ बनाने का आह्वान किया।
इस मौके पर, मुख्यमंत्री योगी और श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने उन चुनिंदा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ सीधी बातचीत की, जिनके केंद्रों को फिल्मों में दिखाया गया था। कार्यक्रम के दौरान एक खास हिस्से में हॉट कुक्ड मील, टेक होम राशन, घर-घर जाकर सेवा देने और शुरुआती बचपन की देखभाल और शिक्षा के बारे में लाभार्थियों के अनुभव वाले वीडियो दिखाये गये। इस मौके महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने समुदायों, पंचायती राज संस्थाओं, स्वयं-सहायता समूहों और परिवारों से पोषण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और पोषण और बच्चों की देखभाल की सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया। श्रवण उप्रेती वार्ता
