शराब की दुकानों पर महिलाओं का हमला, पेटियों में लगाई आग

शिवपुरी/पिछोर, जिले के कई गांवों में अवैध शराब बिकने से नाराज महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। जिले के सिरसौद अमोला, चमरा सहित एक दर्जन गांवों में महिलाओं ने शराब की दुकानों में घुसकर तोड़-फोड़ की एवं शराब की पेटियों को आग के हवाले कर दिया। महिलाओं ने सबसे पहले सिरसौद कस्बे के एक गांव में शराब की दुकान पर हमला किया। महिलाएं एकजुट होकर गांव में संचालित कंपोजिट शराब दुकान पर पहुंचीं और दुकान में रखी अंग्रेजी व देसी शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर रख दीं। महिलाओं ने शराब की पेटियों में आग लगा दी और बिक्री बंद करा दी।महिलाओं का आरोप था कि गांव में शराब आसानी से उपलब्ध होने से कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। युवक नशे में घर पहुंचकर पत्नी और बच्चों से मारपीट करते हैं। शराब पर खर्च होने से परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। महिलाओं ने कहा कि शराब की बिक्री बंद होने पर मजदूरी से मिलने वाली कमाई परिवार और बच्चों की जरूरतों पर खर्च होगी। सूचना मिलने पर अमोला थाना पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। महिलाएं शराब की पेटियां हटाने देने को तैयार नहीं थीं। स्थिति को देखते हुए जेसीबी बुलाकर अधिकारियों की मौजूदगी में शराब नष्ट कर गड्ढे में दबाई गई।

*कंजर डेरा में भी अवैध शराब का जखीरा आग के हवाले किया*

इसके बाद महिलाओं का समूह गांव के पास कंजर डेरा पहुंचा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि यहां एक महिला कच्ची शराब बेच रही थी। उन्होंने उसके पास से शराब से भरा बैग छीन लिया और पन्नियों में भरी शराब फोरलेन पर फैलाने के बाद बैग में आग लगा दी। गांव में हालात तनावपूर्ण हैं।यहां महिलाओं ने बताया कि गांव में शराब का चलन बढ़ रहा है। इससे परिवारों में विवाद और घरेलू हिंसा की स्थिति बन रही है। महिलाओं ने सागर में जहरीली शराब की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने गांव में शराब की बिक्री रोकने का फैसला लिया है।

*पुलिस ने कहा: हालात काबू में*

अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि पुलिस बल मौके पर मौजूद है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि शराब ठेकेदार की शिकायत मिलने पर मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

*अवैध शराब बेचने वालों का होगा सामाजिक बहिष्कार*

सिरसौद पंचायत के सरपंच अतर सिंह लोधी ने भी अवैध और कच्ची शराब के खिलाफ ग्रामीणों को एकजुट किया। उन्होंने सिरसौद गांव के ग्रामीणों के साथ मंदिर में पंचायत की और शराब के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लेने की बात कही। सरपंच ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गांव में अवैध या कच्ची शराब बेचता या सप्लाई करता पाया गया तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। ऐसे व्यक्ति को गांव के कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाएगा। ग्रामीण भी उसके आयोजनों में शामिल नहीं होंगे। सरपंच ने शराब बेचने को गंभीर कृत्य बताते हुए इसे गौहत्या के समान मानने की बात भी कही।

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*नवभारत पड़ताल : आखिर कहां से आती है अवैध और कच्ची शराब*

शिवपुरी जिले में अवैध और कच्ची शराब स्थानीय स्तर पर खेतों, जंगलों और ग्रामीण इलाकों में बनी अवैध भट्ठियों से आती है। अवैध शराब के प्रमुख ठिकाने और स्रोत जंगल और खेत ही हैं। ग्रामीण अंचलों जैसे बघरा साजौर गांव में कुछ लोग खेती और घने जंगलों की आड़ में अवैध कच्ची शराब की भट्ठियां चलाते हैं। पिछोर क्षेत्र के ग्राम सालौरा और करारखेड़ा जैसे इलाकों में हाथभट्टी से बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाई जाती है, जहां हाल ही में प्रशासन ने हजारों लीटर लहान नष्ट किया है। स्थानीय ग्रामीण ठिकानों की बात करें तो खनियाधाना, अमोला, और चमरौआ जैसे क्षेत्रों में भी अवैध शराब बनाई जाती है। यहां संचालित शराब के अड्डों और दुकानों के खिलाफ स्थानीय व आदिवासी महिलाओं ने पहले भी कई बार उग्र प्रदर्शन किए हैं लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंगी। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि यहां एक दबंग व्यक्ति खेती की आड़ में लंबे समय से अवैध कच्ची और जहरीली शराब की भट्टी चला रहा है लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई एक्शन नहीं लिया है।

*श्योपुर में भी महिलाओं का गुस्सा उबाल पर, शराब माफिया के खिलाफ गांव से 20 किमी पैदल चल कर थाने पहुंचीं*

उधर श्योपुर के शराब प्रतिबंधित क्षेत्र कराहल में शराब माफिया थम नहीं रहा है। गांव से 20 किलोमीटर पैदल चल कर महिलाएं थाने पहुंचीं एवं कार्यवाही की मांग की। यहां गांव गांव, गली गली, ढाबे ढाबे और गुमटी गुमटी देशी विदेशी शराब बेची जा रही है। महिलाओं के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई जगह छापामारी की।

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