
बागली। वर्तमान में शान द्वारा पर्यावरण सुरक्षित रखने के लिए पौधारोपित करने के लिए अनेक प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। लेकिन धरातल पर सुरक्षित पुराने जंगल पर जंगल उजाड़ने वालों की गिद्ध नजर लग गई है। जानकारी के अनुसार 2012 के बाद से वन परिक्षेत्र बागली में बड़ी मात्रा में सागवान वृक्ष काटकर उस स्थान को खेती उपयोग हेतु बना लिया गया है। उपवन मंडल बागली एसडीओ अंकित जामगोद ने बताया कि वर्तमान में पांच से अधिक स्थानों पर वन विभाग एवं जंगल उजाड़ने वाले लोगों के आमने-सामने विवाद चल रहे हैं। कुछ स्थानों पर वन विभाग कर्मचारी पर गंभीर हमले भी हुए हैं जिसकी शिकायत पुलिस विभाग में लंबित है ।ऐसे ही मामले में बागली के समीप कक्ष क्रमांक 829 का मामला अलग ही प्रकार का है।
इस कक्ष से जुड़े रामपुरा वन समिति के लोग बड़ी संख्या में बुधवार को बागली उपवन मंडल कार्यालय पर आए और इन्होंने शिकायत दर्ज कराई की समीप के गांव कामठ से जुड़े कुछ लोगों ने सीमा को उल्लंघन करते हुए रामपुरा वन समिति क्षेत्राधिकार की 50 बीघा से अधिक जमीन पर कब्जा जमाने के साथ-साथ वहां के पेड़ पौधों को नष्ट कर दिया और रामपुर वन समिति सदस्यों के साथ विवाद स्थिति निर्मित कर दी क्षेत्र से जुड़े भाजपा नेता एवं वन समिति के पूर्व अध्यक्ष राम सिंह ओसारी गजराज सिंह ठाकुर मेहताब बरतानिया श्रवण काजलिया सहित अन्य रामपुरा निवासी लोग बड़ी संख्या में आईसर वाहन लेकर बागली उपवन मंडल पर उक्त शिकायत लेकर पहुंचे। यह सभी लोग बागली थाने पर भी पहुंचे यहां पर थाना प्रभारी जीवन सिंह भिन्डोरे को अपनी समस्या बताते हुए विवाद करने वाले और जंगल नष्ट करने वाले लोगों की शिकायत की। कामठ कक्ष क्रमांक 829वाले मामले में भी दो व्यक्तियों पर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। मौके पर टीम द्वारा देखा गया यहां बारिश के समय उगी झाड़ियां सहित सागवान पौधों को भी नुकसान हुआ है।
