नई दिल्ली, देश के विभिन्न बाजारों में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने के लिए सरकारी एजेंसियों ने रियायती दरों पर इसकी आपूर्ति बेहद तेज कर दी है। नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) ने इस सीजन में अब तक लगभग 1.10 लाख मीट्रिक टन प्याज की खरीद की है, जिसमें से करीब 3,200 मीट्रिक टन प्याज दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में भेजा जा चुका है। वर्तमान में आम जनता को मोबाइल वैन, मॉडर्न बाजार और नाफेड के अपने पोर्टफोलियो के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की किफायती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।
ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स से चल रही बातचीत, प्राइसिंग के मुद्दे पर जल्द सुलझ सकता है मामला
नाफेड के संयुक्त प्रबंध निदेशक आनंद मोहन ने ईटीवी भारत से खास बातचीत में बताया कि संस्था अब अपनी पहुंच को और अधिक डिजिटल बनाने के लिए ब्लिंकिट, जेप्टो और बिगबास्केट जैसे लोकप्रिय क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से बातचीत कर रही है। हालांकि, सब्सिडी वाले प्याज की अंतिम बिक्री कीमत और प्लेटफॉर्म्स की कमीशन नीति को लेकर अभी कुछ तकनीकी और मूल्य निर्धारण से जुड़े मसले पर सहमति बनना बाकी है, जिनके सुलझते ही ऑनलाइन डिलीवरी के जरिए भी प्याज की बिक्री शुरू कर दी जाएगी।
रिटेल पोर्टफोलियो का टर्नओवर 100 करोड़ पार करने का लक्ष्य, चीनी पर भी मिल रही राहत
नाफेड अब केवल सब्सिडी वाले उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके कमर्शियल रिटेल पोर्टफोलियो में 100 से अधिक उत्पाद शामिल हैं, जिससे पिछले साल के 42 करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार 100 करोड़ रुपये से अधिक का रिटेल टर्नओवर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को बढ़ती महंगाई से बचाने के लिए नाफेड अपने आउटलेट्स के माध्यम से ‘नो प्रॉफिट, नो लॉस’ के आधार पर 60 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी भी उपलब्ध करा रहा है।

