सीहोर। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध नहीं कराना जिले के राजस्व अधिकारियों को भारी पड़ रहा है. कलेक्टर बालागुरु के ने तीन राजस्व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिए हैं.
कलेक्टर ने आष्टा अपर तहसीलदार रामलाल पगारे, इछावर नायब तहसीलदार ललित सोनी और सीहोर नायब तहसीलदार अविनाश सोनानिया को नोटिस जारी किए हैं. कार्रवाई गत सोमवार की समय-सीमा बैठक में लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान सामने आई स्थिति के आधार पर की गई. जिसमें अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में अविवादित नामांतरण, भूमि सीमांकन और कानूनी बाध्यता प्रमाण-पत्र से संबंधित आवेदन निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित पाए गए. नोटिस के अनुसार आष्टा और इछावर क्षेत्र में अविवादित नामांतरण से संबंधित एक-एक आवेदन 5 सितंबर से लंबित था. वहीं सीहोर नायब तहसीलदार के क्षेत्र में भूमि सीमांकन और कानूनी बाध्यता प्रमाण-पत्र से संबंधित दो आवेदन लंबित पाए गए. कलेक्टर ने अधिकारियों से लंबित सेवाओं के संबंध में उचित कारण संबंधित एसडीएम की अनुशंसा सहित तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि समय सीमा में सेवा उपलब्ध नहीं कराना लापरवाही को दर्शाता है. जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने व प्रकरणों में विलंब होने की स्थिति में अधिकारियों के विरुद्ध एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी.
