जबलपुर: सिहोरा के गौरहा बीट में दों तेंदुओं की लड़ाई में एक की मौत होने के बाद अब इंद्राना, नेगई गांव में तेंदुए ग्रामीणों को नजर आ रहे हैं। जिससे उनमें दहशत व्याप्त होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के वक्त जंगली जानवरों के लड़ने की भी आवाज सुनाई देती है। ग्रामीणों की माने तो बीते दस दिनों के भीतर तेंदुआ कई बकरियों का शिकार कर चुका है ऐसे में उन्हें डर है कि कहीं लोगों को तेंदुआ अपना शिकार न बना ले।
जानकारी के अनुसार खमरिया बाजार के आसपास भी दो तेंदुओं के मूवमेंट की खबर सामने आ रही है इसको लेकर लोग अब टहलने नहीं निकल रहे हैं। उधर वन्य प्राणी विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि ठंड में शिकारी अधिक सक्रिय रहते हैं इसलिए इन पर भी नजर रखने वन विभाग को समय समय पर ग्रामीण अंचलों व जहां जहां तेंदुओं का मूवमेंट है वहां पर पेट्रोलिंग करनी चाहिए।
धूप सेंकते नजर आ रहे मगरमच्छ
ठंड बढ़ते ही खुले इलाकों में वन्य प्राणियों के घू्रमने का मूवमेंट बढ़ गया है। जिसका नजीता है कि सुबह-सुबह धूप सेंकने परियट नदी से सटे मटामर, घाना, खमरिया, रिठौरी सहित कई क्षेत्रों में मगरमच्छों को खुले स्थानों पर देखा जा रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। जानकारी के अनुसार ठंड में धूप सेंकने के लिए परियट नदी से मगरमच्छ बाहर निकलकर आसपास के खेत, मैदान, नदियों में आ रहे हैं। और धूप सेंकने के बाद वे वापस परियट नदी तरफ जा रहे हैं।
इनका कहना है
–वन विभाग की टीम को पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं। तेंदुआ अपने जंगलीय क्षेत्र में विचरण कर रहा है, वो अभी किसी स्थान विशेष में अपना डेरा नहीं जमाया हुआ है,नियमानुसार इस कारण उसका रेस्क्यू नहीं किया सकता है। फिर भी ग्रामीणों को सतर्क रहने व जंंगली इलाकों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
–ऋषि मिश्रा, वन मंडल अधिकारी।
