मनीला, 14 मई (वार्ता) फ़िलीपींस की संसद के भीतर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वहां कुछ हथियारबंद नकाबपोशों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने के लिए चेतावनी दी और फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर हवा में गोलियां चलाते हुए वहां से भाग गए।
यह घटना बुधवार रात तब हुई जब सीनेटर रोनाल्ड डेला रोजा अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए संसद भवन के अंदर छिपे हुए थे। उनपर मानवता के खिलाफ अपराध करने के आरोप हैं और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है।
श्री रोजा सोमवार से ही अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए संसद में छिपे हुए थे, लेकिन इस गोलीबारी के बाद वह वहाँ से गायब हो गये हैं। राष्ट्रपति की प्रवक्ता क्लेयर कास्त्रो के मुताबिक, सीनेटर अब संसद परिसर में नहीं हैं।
श्री रोजा पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के खास सहयोगी और पूर्व पुलिस प्रमुख रहे हैं और उन पर नशीली दवाओं के खिलाफ खूनी अभियान चलाने का आरोप है, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। इसी मामले में पूर्व राष्ट्रपति पहले से ही नीदरलैंड में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने देर रात जारी वीडियो में कहा कि इस घटना में सरकार का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने लोगों से शांत रहने की अपील की और दोषियों को पकड़ने का भरोसा दिया। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है।
श्री रोजा को ‘बाटो’ के नाम से जाना जाता है। उन पर आरोप है कि जब वे पुलिस प्रमुख थे, तब उन्होंने ‘ओप्लान तोखांग’ नाम की योजना के तहत कई लोगों की जान ली। हालांकि श्री रोजा ने इन आरोपों को गलत बताया है और कहा है कि आईसीसी को उन्हें गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है। वे सोमवार से ही संसद भवन के अंदर थे और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे रहे थे।
