सतना :शहर में जिस तरह से बेलगाम रफ्तार का कहर देखने को मिल रहा है उसे देखकर तो यही लगने लगा है कि पशुओं का व्यवहार कहीं अधिक अनुशासित है. रविवार की सुबह बीटीआई मैदान के सामने रीवा रोड पर सामने आई घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया. जहां एक ओर तेज रफ्तार कार चालक ने बुरी तरह कुचलते हुए बछड़े को मौत के मुंह तक पहुंचा दिया. वहीं दूसरी ओर बछड़े की मां कार के नीचे फंसे बछड़े को दुलारते हुए भरसक संबल देने की कोशिश करती नजर आई.
बारिश अधिक होने पर अधिकांश मवेशी सूखे स्थान की तलाश में सडक़ों का रुख करते हैं.
शनिवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ. खासी बारिश होने के चलते जहां तहां घूमने वाले मवेशियों ने सडक़ों पर डेरा जमा लिया. इसी कड़ी में रविवार की सुबह भी रीवा रोड पर बीटीआई मैदान के सामने भी मवेशियों का झुण्ड बैठा हुआ था. इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार उक्त मार्ग से गुजरी. अनियंत्रित रफ्तार कुछ ऐसी थी कि कार चालक को सडक़ पर बैठे मवेशी नजर ही नहीं आए. लिहाजा देखते ही देखते कार ने सडक़ पर बैठे बछड़े को अपनी चपेट में ले लिया. इसके बाद भी चालक ने कार नहीं रोकी.
जिसका नतीजा यह हुआ कि कार के अगले पहियों से कुचले जाने के बाद बछड़ा बीच में ही फंस कर रह गया. इसके बावजूद भी कार चालक ने कुछ देर तक घसीटने की कोशिश जारी रखी. लेकिन जब बछड़ा कार के नीचे बुरी तरह फंस कर रह गया तो मजबूरन चालक को कार रोकनी पड़ी. घटना होती देख आस पास मौजूद कुछ लोग भागकर बछड़े को बचाने के लिए आगे आए. उन्होंने कड़ी मशक्कत करते हुए बछड़े को बाहर निकालने का प्रयास किया. लेकिन सफलता नहीं मिली. इसी दौरान बछड़े की मां भी वहां पहुंच गई और दुलारने लगी.
साफ दिखाई दे रहा था कि बछड़े को दुलारते हुए गाए उसे भरपूर संबल देने का प्रयास कर रही है.इतना ही नहीं बल्कि बछड़े को बाहर निकालने के लिए लोगों को जद्दोजहत करता देख गया भी उनके साथ डटी रही. हलांकि कुछ समय बाद बछड़े को कार के नीचे निकाल लिया गया. लेकिन बुरी तरह घायल बछड़े ने दम तोड़ दिया. जिसे देखते हुए गाय उसके मृत शरीर को दुलारती दिखाई दी. वहां पर मौजूद लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो तो यह कहने से नहीं चूके कि एक ओर जहां हम लोगों की मानवता मरती जा रही है वहीं दूसरी ओर पशुओं अब भी काफी हद तक इंसानियत जिंदा है. वहीं घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपी कार चालक के विरुद्ध कार्रवाई शुरु कर दी.
हांका दल नदारद
यह जानते हुए भी कि बारिश के मौसम में अधिकांश मवेशी सडक़ों पर डेरा जमाए रहते हैं. जिसके चलते गंभीर दुर्घटना होने का अंदेशा हर समय बना रहता है. लेकिन इसके बावजूद भी नगर निगम का हांका दल शीत निद्रा में चला गया है. इस वर्ष बारिश के मौसम में हांका दल द्वारा अब तक शहर के किसी भी हिस्से में अपना कार्य आरंभ नहीं किया गया है. नतीजतन मुख्य सडक़ों से लेकर गलियों तक मवेशियों का जमघट लगा हुआ है. जिसके चलते आए दिन शहर के विभिन्न स्थानों पर कहीं लोगों के गिरकर घायल होने तो कहीं पशुओं चोटिल होने की घटना सामने आती रहती है. यदि हांका दल द्वारा अपनी जिम्मेदारी निभाई गई होती तो रीवा रोड पर एक बछड़े की दर्दनाक मौत जैसी घटना सामने नहीं आती.
