
मंदसौर। बाजार में उपलब्ध प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियां पर्यावरण के लिए नुकसानदायक होती हैं। इसके विपरीत मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाएं हमारी परंपरा, आस्था और प्रकृति से जुड़ी हुई हैं। मिट्टी की प्रतिमा का निर्माण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करता है। यह बात मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक तृप्ति बैरागी ने कही।
वे नवप्रभा सामाजिक संस्था द्वारा नगर परिषद सुवासरा के सभागृह में ‘माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान’ के तहत आयोजित सेक्टर स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक नारायण सिंह निनामा ने आगामी गणेशोत्सव में मिट्टी की प्रतिमाओं का उपयोग करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का दिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारियों एवं नवांकुर सखियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण नवप्रभा सामाजिक संस्था की सचिव टीना सोनी ने प्रदान किया। उन्होंने प्रतिभागियों को मिट्टी तैयार करने, प्रतिमा को आकार देने तथा उसे आकर्षक रूप देने की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी और स्वयं प्रतिमा बनाकर प्रशिक्षण दिया।
मिट्टी की प्रतिमा से जुड़े गणेशजी के जन्म का प्रसंग बताया
प्रशिक्षण के दौरान टीना सोनी ने प्रतिभागियों से सवाल किया कि ‘गणेशजी का जन्म कैसे हुआ था?’ जब प्रतिभागियों ने इसका उत्तर नहीं दिया तो उन्होंने पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने स्नान के समय द्वार की रक्षा के लिए मिट्टी से एक बालक की प्रतिमा बनाई और उसमें अपनी दिव्य शक्ति से प्राण प्रतिष्ठित किए। यही बालक आगे चलकर भगवान गणेश कहलाए। उन्होंने कहा कि इसी कारण गणेशजी की मिट्टी की प्रतिमा का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व भी विशेष है।
टीना सोनी ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रतिवर्ष उनके द्वारा लोगों को निःशुल्क प्रशिक्षण देने के साथ मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाएं भी भेंट की जाती हैं।
कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष सविता बालराम परिहार, भाजपा महामंत्री गोविंद सिंह मेहर, अजा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मांगीलाल बामनिया, कार्यालय मंत्री चेतन जोशी, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति अंतरालिया, ढोढर, नाथूखेड़ी, ढाबला भगवान एवं नगर प्रस्फुटन समिति सुवासरा के पदाधिकारी उपस्थित रहे। नवांकुर संस्था ढाबला महेश जय श्री सामाजिक सेवा समिति के अध्यक्ष कैलाश गुर्जर, मेंटर्स ज्योति बाला सहित अन्य प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में सहभागिता की।
