
ग्वालियर। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव एवं महापौर डाॅ. शोभा सतीश सिकरवार ने भाजपा द्वारा लाये गये निंदा प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा है कि भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह हर मोर्चे पर विफल है और शहर के विकास में इनका कहीं कोई योगदान नजर नहीं आ रहा है। अपनी नाकामियों को छुपाने महापौर एवं मेयर इन काउंसिल के सदस्यों के खिलाफ जान-बूझकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। हालात यह है कि भाजपा पार्षद भी काम नहीं होने के कारण परेशान हैं। कांग्रेस पार्षदों के क्षेत्र में स्वीकृत कार्यों को भी भूमिपूजन के लिये दबाब बनाते है। जिस कारण कार्य विलम्ब से शुरू हो पाते है। साथ ही विनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा लेकिन भाजपा के दबाब में यह स्वीकृति शासन स्तर पर नहीं दी गई।
महापौर ने कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर शहर के विकास से संबंधित पत्र शासन को लिखे गये, उनका आज तक कोई जबाब नहीं दिया गया। साथ ही उनके द्वारा नगर निगम की चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि देने एवं वृद्धि किये जाने के संबंध में कई पत्र लिखे गये लेकिन निगम की चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि आज तक पूरी नहीं दी गई और न ही वृद्धि की गई। सड़कों के संधारण एवं जल भराव की समस्या का निराकरण कराने के लिये विशेष अनुदान राशि की मांग की गई, उसे भी स्वीकृत नहीं किया गया। मेयर इन काउसिंल एवं नगर निगम परिषद द्वारा वर्ष 2020 तक के पानी के बकाया बिल माफ करने का निर्णय लिया गया था, जिसका पत्र ठहराव के साथ शासन को भेजा गया लेकिन आज तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि जब भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार थी, उस समय ए.डी.बी. योजना, प्रोजेक्ट उदय एवं अमृत योजना आने के बाद भी शहर में आज दिनांक तक सीवर और पानी की समस्या से निजात क्यों नही मिल पाई। लाईनें डालने के लिये कोई प्लानिंग नहीं की गई। केन्द्र सरकार द्वारा हर शहर की तरह ग्वालियर में भी स्मार्ट सिटी योजना की शुरूआत हुई। शहर को इस योजना से क्या लाभ मिला, आज तक कहीं नजर नहीं आ रहा है। बुनियादी समस्या के निराकरण के लिये यह योजना लाई गई थी, मगर धरातल पर नतीजा शून्य ही रहा। सरकार ने ग्वालियर के साथ हर मामले में नगर निगम के साथ सौतेला व्यवहार किया है। ग्वालियर पूर्व विधानसभा का उपचुनाव हारने के बाद भाजपा ने स्वीकृत 16 करोड की राशि निगम से वापस ले ली। इससे भाजपा के चाल-चरित्र और चेहरे का पता चलता है। वर्तमान में ग्वालियर एवं दक्षिण विधानसभा में हर वर्ष 15 करोड रूपये की राशि अतिरिक्त दी जा रही है, जबकि ग्वालियर पूर्व विधानसभा को नहीं दी जा रही है। साथ ही महापौर की मौलिक निधि तक खत्म कर दी गई है।
महापौर ने कहा कि वे ग्वालियर के विकास के लिये शुरू से ही चितिंत रही हैं, उन्होंने शहर की सड़कों के लिये दिनांक 28 सितम्बर 2022 को पत्र लिखकर, विशेष राशि देने की मांग की थी। जिस पर आज तक अमल नहीं किया गया है। सांसद कह रहे है कि मैं केन्द्र से पैसा लाता हूॅ, लेकिन महापौर एवं मेयर इन काउसिंल उस पैसे से काम नहीं होने देती। सांसद कौन-सी राशि लाये, जिस पर मेयर इन काउसिंल ने रोक लगाई है, इसका स्पष्टीकरण दें। महापौर द्वारा शासन, मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री, आयुक्त नगरीय प्रशासन, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन को समय-समय पर कई पत्र ग्वालियर के विकास से संबंधित लिखे गये हैं।
महापौर का मानना है कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिये मेयर इन काउसिंल के खिलाफ सांसद निंदा प्रस्ताव लाये है, जिसकी वे निंदा करती हैं। वे शहर के विकास व प्रगति का लक्ष्य लेकर दलगत भावना से ऊपर उठकर काम करती हैं और कार्यों में भाजपा सांसद की तरह बाधा नहीं डालती हैं।
