नयी दिल्ली, 08 सितंबर (वार्ता) इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए चार्जिंग सेवा और समाधान देने वाली प्रमुख कंपनी जियो-बीपी ने डीआरआईवीएन के साथ मिलकर देश भर में चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं।
जियो-बीपी रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी के संयुक्त उपक्रम रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड का ब्रांड नाम है। डीआरआईवीएन एक इलेक्ट्रिक वाहन लीजिंग प्लेटफॉर्म है जो वाणिज्यिक ईवी को अपनाने की रफ्तार बढ़ाने पर फोकस करता है। इस साझेदारी का मकसद पूरे देश में कमर्शियल ईवी (ट्रक और बस) के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के मौकों का पता लगाना है। यह सहयोग फ्लीट ऑपरेटरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए डीआरआईवीएन की वाणिज्यिक ईवी लीजिंग क्षमताओं और जियो-बीपी के चार्जिंग नेटवर्क को जोड़ता है।
जियो-बीपी का खास तौर पर इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों पर के लिए चार्जिंग सुविधा देने पर जोर है। करार के तहत पूरे देश में कुछ प्राथमिकता वाले कॉरिडोर और स्थानों पर चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
दोनों कंपनियां मिलकर जियो-बीपी के चार्जिंग नेटवर्क को डीआरआईवीएन के लीजिंग प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ने पर काम करेंगी। इसमें फ्लीट ड्राइवरों के लिए चार्जिंग-लोकेशन का पता लगाने की सुविधा भी शामिल होगी। इस समझौते के तहत वे चुनिंदा शहरों और हाईवे पर खास टैरिफ और पूरी तरह से तैयार ईवी चार्जिंग परियोजनाओं पर भी विचार करेंगी।
डीआरआईवीएन की सह-संस्थापक एवं मुख्य कारोबार अधिकारी कल्पना जैन ने कहा, “जैसे-जैसे वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहन फ्लीट ऑपरेशन्स का एक बड़ा हिस्सा बनते जा रहे हैं, चार्जिंग अवसंरचना को भी इन गाड़ियों के इस्तेमाल की जगहों और तरीकों के हिसाब से विकसित होना होगा। बसों और ट्रकों के मामले में चार्जर की लोकेशन और उसके रूट का परिचालन पर सीधा असर पड़ सकता है। हमारे वाणिज्यिक ईवी कारोबार के विस्तार के साथ जियो-बीपी के साथ हमारा एमओयू हमें इन जरूरतों को पूरा करने का मौका देता है और फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए चार्जिंग अवसंरचना का विकास तथा इस्तेमाल करना आसान बनाता है। यह साझेदारी कई साझेदारियों में से पहली है।”
जियो-बीपी के चेयरमैन सार्थक बेहुरिया ने कहा, “देश का इलेक्ट्रिक परिवहन की ओर बढ़ने का दौर शुरू हो चुका है। इस बदलाव के केंद्र में वाणिज्यिक बेड़ा – यानी बसें और ट्रक – हैं जो रोजाना हमारे लोगों, सामान और अर्थव्यवस्था को गतिमान रखते हैं, और अक्सर सबसे लंबी दूरी और सबसे कठिन रास्तों पर चलते हैं। हमारा मानना है कि ईवी चार्जिंग अवसंरचना राष्ट्रीय बुनियादी ढांचों का एक अहम हिस्सा है और डीआरआईवीएऩ के साथ हमारी साझेदारी इस बदलाव की जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी चार्जिंग नेटवर्क बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
