
• एंकर इन्वेस्टर्स के लिए बिडिंग – सोमवार, 7 सितंबर 2026
• बिड/ऑफर खुलने की तारीख – मंगलवार, 8 सितंबर 2026, बिड/ऑफर बंद होने की तारीख – गुरुवार, 10 सितंबर 2026
• कम से कम 82 इक्विटी शेयर्स के लिए बोली लगानी होगी, इसके बाद 82 के गुणांक (मल्टीपल) में बोली लगा सकते हैं।
मुंबई, ग्लास वॉल सिस्टम्स (इंडिया) लिमिटेड (“कंपनी”) अपना पहला इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (“ऑफर” या “IPO”) लाने जा रही है। कंपनी ने ₹2 की फेस वैल्यू वाले अपने इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड ₹172 से ₹182 प्रति शेयर तय किया है।
कंपनी का यह IPO सब्सक्रिप्शन के लिए मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को खुलेगा और गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को बंद होगा।
इन्वेस्टर्स को कम से कम 82 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद 82 के गुणांक में ही शेयर खरीदे जा सकेंगे।
कंपनी की कुल इश्यूड, सबस्क्राइब की गई और पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹16,92,77,100 है, जो ₹2 फेस वैल्यू वाले 8,46,38,550 इक्विटी शेयरों में बंटी हुई है।
इस आईपीओ के तहत कंपनी 60 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी करेगी। साथ ही, कंपनी के प्रमोटर जवाहर हरिराम हेमराजानी और ईशान जवाहर हेमराजानी और इन्वेस्टर ‘इंडिया बिजनेस एक्सीलेंस फंड IIA’ मिलकर 2,02,13,722 शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) करेंगे।
नए शेयरों से मिलने वाले 50 करोड़ रुपए (₹500 मिलियन) में से कुछ पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपनी विले भागड़ महाराष्ट्र वाली यूनिट में नया ग्लास प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए करेगी। वहीं बाकी बचे पैसों को कंपनी की सामान्य जरूरतों (जनरल कॉरपोरेट) पर खर्च किया जाएगा।
यह ऑफर सेबी ICDR नियमों के तहत बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए लाया जा रहा है। इसमें नेट ऑफर का ज्यादा से ज्यादा 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, कम से कम 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) के लिए और कम से कम 35% हिस्सा रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) के लिए रिजर्व रखा गया है।
2002 में बनी यह कंपनी भारत के साथ-साथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों में फैसाड सॉल्यूशंस (इमारतों के बाहरी कांच/एल्युमीनियम डिजाइन) और फेनेस्ट्रेशन (खिड़की-दरवाजे) की सप्लाई करती है। वित्तीय वर्ष 2024 और 2025 में रेवेन्यू के मामले में यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी फैसाड सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी है (सोर्स: केन रिपोर्ट)।
इतना ही नहीं, 2024 में रेवेन्यू के आधार पर कंपनी भारत की सबसे बड़ी फैसाड एक्सपोर्टर भी रही है (सोर्स: केन रिपोर्ट)। फैसाड इंडस्ट्री में दो दशक से भी ज्यादा के अनुभव के साथ कंपनी 31 मार्च 2026 तक 158 प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूरे कर चुकी है, जो इसकी मजबूती को दिखाता है।
फैसाड-फेनेस्ट्रेशन सॉल्यूशंस और कंपनी के प्रोडक्ट्स
फैसाड और फेनेस्ट्रेशन सेक्टर किसी भी इमारत के अंदरूनी और बाहरी हिस्से के बीच एक बेहद अहम कड़ी का काम करता है। इसमें एडवांस्ड मटीरियल, सटीक इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चरल डिजाइन का इस्तेमाल करके मजबूती और सुंदरता दोनों दी जाती है (सोर्स: केन रिपोर्ट)।
कंपनी ऐसे फैसाड सॉल्यूशंस देती है जिससे इमारतें बाहर से देखने में शानदार लगें और काम में टिकाऊ हों। साथ ही ASTM इंटरनेशनल और ऑस्ट्रेलिया/न्यूजीलैंड के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन भी हो सके। इसके प्रोडक्ट्स में कर्टेन वॉल फैसाड, स्टोरफ्रंट वॉल फैसाड, यूनिटाइज्ड व सेमी-यूनिटाइज्ड कर्टेन वॉल और फ्रेमलेस फैसाड शामिल हैं।
बिजनेस वर्टिकल्स
कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बंटा है:
1. डोमेस्टिक फैसाड सॉल्यूशंस: यह रियल एस्टेट डेवलपर्स, जनरल ठेकेदारों और कॉरपोरेट क्लाइंट्स को डिजाइन, इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई और इंस्टॉलेशन समेत पूरे फैसाड सॉल्यूशंस देती है। कंपनी मुख्य रूप से फैसाड के लिए EPC और मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज मुहैया कराती है।
2. इंटरनेशनल फैसाड प्रोडक्ट्स सप्लाई: यह विदेशी ठेकेदारों और फैसाड कंपनियों की जरूरतों के हिसाब से टिकाऊ फैसाड प्रोडक्ट्स के डिजाइन, इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई पर फोकस करती है।
3. फेनेस्ट्रेशन सॉल्यूशंस: देश के प्रीमियम फेनेस्ट्रेशन मार्केट में पकड़ बनाने के लिए कंपनी ने हाल ही में लग्जरी रेजिडेंशियल डेवलपर्स और अमीर ग्राहकों (HNIs) के लिए खास फेनेस्ट्रेशन सॉल्यूशंस देना शुरू किया है। इसके तहत कंपनी ने 21 अगस्त 2025 को शेयर परचेज एग्रीमेंट करके ‘यस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ का अधिग्रहण कर लिया था, जो उसी तारीख से लागू हो गया।
कंपनी खास तौर पर लग्जरी खिड़कियां, दरवाजे, स्काईलाइट्स और पार्टिशन सिस्टम जैसे प्रीमियम फेनेस्ट्रेशन बनाती है। अपनी क्षमता बढ़ाकर और खुद का ग्लास प्रोसेसिंग प्लांट (बैकवर्ड इंटीग्रेशन) लगाकर कंपनी अपनी कामकाज की क्षमता, मार्केट में हिस्सेदारी और मुनाफा बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रोडक्ट पोर्टफोलियो
कंपनी फैसाड और कर्टेन वॉल सिस्टम, बोल्टेड फैसाड, स्काईलाइट्स, कैनोपी, स्पेस फ्रेम्स, लूवर्स, रेन स्क्रीन क्लैडिंग, डायग्रिड्स और एल्युमीनियम के दरवाजे-खिड़कियां जैसे कई इनोवेटिव प्रोडक्ट्स बनाती है। ये प्रोडक्ट्स इमारतों की सुंदरता बढ़ाते हैं, बिजली बचाते हैं और उन्हें मजबूती देते हैं।
इसके कुछ प्रोडक्ट्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार इंडिपेंडेंट थर्ड-पार्टी बॉडी द्वारा ‘एंवायरमेंटल प्रोडक्ट डिक्लेरेशन’ (EPD) सर्टिफिकेट भी मिला है। इससे ग्राहकों को उनके पर्यावरण और सोशल (ESG) लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है।
क्लाइंट्स और प्रमुख प्रोजेक्ट्स
कंपनी भारत में कमर्शियल, रेजिडेंशियल और संस्थागत प्रोजेक्ट्स बनाने वाले रियल एस्टेट डेवलपर्स, अस्पतालों, एयरपोर्ट अथॉरिटी, ठेकेदारों और कॉरपोरेट क्लाइंट्स को सेवाएं देती है। साथ ही अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में फैसाड ठेकेदारों को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है।
कंपनी के अपने क्लाइंट्स के साथ काफी लंबे और मजबूत रिश्ते हैं। बागमने, के रहेजा और प्रेस्टिज जैसे बड़े नामों के साथ इसका साथ 8 से लेकर 12 साल तक पुराना है।
भारत में कंपनी ने ‘द कैपिटल’, ‘कोहिनूर स्क्वायर’, ‘बागमने रियो’ और ‘लोढ़ा वर्ल्ड वन’ जैसे कई जाने-माने कमर्शियल और रेजिडेंशियल फैसाड प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं। इनमें से कई प्रोजेक्ट्स को उनके बेहतरीन डिजाइन और काम के लिए अवॉर्ड भी मिल चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी ने अपने पार्टनर ‘रिफ्लेक्शन विंडो + वॉल’ (RWW) के साथ मिलकर अमेरिका में जैक्सन एवेन्यू (16,707.76 वर्ग मीटर), 1400 साउथ वाबाश (10,900.42 वर्ग मीटर), 2300 मार्केट प्लेस (7,597.48 वर्ग मीटर), 3202 कथबर्ट (5,207.66 वर्ग मीटर), स्पार्क GTIC (14,640.12 वर्ग मीटर) और हार्पर कोर्ट (12,491.97 वर्ग मीटर) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में 2,237 वर्ग मीटर का ‘प्रोजेक्ट डव’ भी पूरा किया है।
सप्लाई और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता
कंपनी डिजाइन व इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के जरिए पूरी सर्विस देती है।
कंपनी का मुख्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट महाराष्ट्र के विले भागड़ में 1,01,299 वर्ग मीटर जमीन पर फैला है। 31 मार्च 2026 तक इसमें से 32,415.45 वर्ग मीटर हिस्सा डेवलप हो चुका है और प्लांट की क्षमता बढ़कर रोजाना 130 पैनल बनाने की हो गई है।
कंपनी IPO से मिलने वाले ₹500.00 मिलियन (50 करोड़ रुपए) से इन-हाउस ग्लास प्रोसेसिंग यूनिट लगा रही है, ताकि इसे बाहर से कांच न खरीदना पड़े।
31 मार्च 2026 तक इस विले भागड़ प्लांट में 4 डेडिकेटेड प्रोडक्शन लाइन्स थीं और 120 से ज्यादा लोगों की टीम काम कर रही थी। 31 जुलाई 2026 तक कंपनी के पास घरेलू फैसाड सॉल्यूशंस के लिए ₹6,260.91 मिलियन (करीब 626 करोड़ रुपए) और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई के लिए ₹1,861.91 मिलियन (करीब 186 करोड़ रुपए) के पेंडिंग ऑर्डर्स (ऑर्डर बुक) थे।
वहीं, 31 जुलाई 2026 तक कंपनी के ‘यस सिस्टम्स’ वाले फेनेस्ट्रेशन बिजनेस की ऑर्डर बुक ₹1,692.64 मिलियन थी।
वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹4,569.71 मिलियन रहा, जो FY24 में ₹3,043.42 मिलियन था। कंपनी का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) FY26 में बढ़कर ₹837.89 मिलियन हो गया, जो FY24 में ₹202.51 मिलियन था।
इश्यू के मैनेजर्स
आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (पहले आईआईएफएल सिक्योरिटीज लिमिटेड) और मोतीलाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (BRLM) हैं।
वहीं एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पहले लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) इस ऑफर की रजिस्ट्रार है। इन शेयर्स को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट कराने का प्रस्ताव है।
