
मुंबई, 08 सितंबर (वार्ता) पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ने से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन बिकवाली रही और बीएसई का सेंसेक्स 555 अंक लुढ़ककर लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया। सेंसेक्स 162 अंक की गिरावट में 75,970 अंक पर खुला और पूरे दिन लाल निशान में रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह 555.23 अंक (0.73 प्रतिशत) उतरकर 75,577.58 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 144.05 अंक यानी 0.61 प्रतिशत टूटकर 23,635.10 अंक पर रहा। दोनों प्रमुख सूचकांकों का यह 12 जून के बाद का निचला स्तर है।
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इससे कच्चे तेल में तेजी रही। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा फिलहाल डेढ़ फीसदी से अधिक की बढ़त में 98.50 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे घरेलू बाजारों में निवेश धारणा कमजोर हुई है। प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजार में अधिकांश सूचकांकों में तेजी देखी गयी। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.23 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.17 प्रतिशत की बढ़त में रहा।
सेक्टर आधारित सूचकांकों में बैंकिंग, वित्त, तेल एवं गैस, सीमेंट, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और आईटी समूहों में बिकवाली हावी रही। मीडिया, ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा, स्वास्थ्य और रसायन समूहों के सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स की कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक का शेयर दो प्रतिशत लुढ़क गया। एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत के बीच टूटे। सन फार्मा, मारुति सुजुकी, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, एलएंडटी, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, पावरग्रिड और इंफोसिस के शेयर भी नीचे बंद हुए। बीईएल का शेयर डेढ़ फीसदी और अडानी पोर्ट्स का एक फीसदी के करीब बढ़त में रहा। हिंदुस्तान यूनीलिवर और इंडिगो के शेयर भी मजबूत बंद हुए।
