इंदौर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नियमों के पालन को लेकर एक मिसाल पेश करते हुए अपने नाम के सभी अवैध होर्डिंग तत्काल हटवा दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं ने भावनावश होर्डिंग लगाए थे, लेकिन कानून और नियमों से ऊपर कोई नहीं है। इसी के साथ उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में किसी भी व्यक्ति, संस्था या संगठन द्वारा लगाए गए अवैध होर्डिंग बिना किसी भेदभाव के हटाए जाएं।
महापौर ने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित इंदौर की पहचान तभी बनी रहेगी, जब हर नागरिक और जनप्रतिनिधि समान रूप से नियमों का पालन करेगा। उन्होंने दोहराया कि कानून सभी के लिए बराबर है और उसके पालन में किसी भी तरह का पक्षपात नहीं होना चाहिए। यह कदम शहर में नियमों के प्रति जवाबदेही और प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
