भोपाल। भारी बारिश के बाद जलभराव क्यों होता है? क्या कलियासोत और बड़ा तालाब के कैचमेंट में हो रहा निर्माण इसकी बड़ी वजह है?
राजधानी में बारिश के बाद जलभराव की समस्या एक बार फिर चर्चा में है। हालही में भोपाल के कोलार इलाके में स्प्रिंगवैली अपार्टमेंट की दीवार गिरने के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पानी के प्राकृतिक बहाव वाले इलाकों और कैचमेंट एरिया में निर्माण का शहर पर कितना असर पड़ रहा है।
कलियासोत नदी और बड़ा तालाब के आसपास बढ़ते निर्माण को लेकर भी लगातार चिंताएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कैचमेंट में बदलाव होने से बारिश के पानी का प्राकृतिक रास्ता प्रभावित हो सकता है।
वहीं इस मामले में हमने नगर निगम अध्यक्ष से जानने की कोशिश की कि आखिर नगर निगम कैचमेंट में मामले में क्या कार्य कर रही है. क्या नगर निगम द्वारा कैचमेंट ऐरिया में लोगों को अनुमती दी जा रही है.
शहर के विस्तार के साथ कैचमेंट में ज़मीन का इस्तेमाल भी बदला है, जिससे प्राकृतिक रास्तों से पानी निकलना प्रभावित होता है। हालांकि, हर जलभराव का कारण सिर्फ कैचमेंट नहीं होता—नालों की क्षमता, अतिक्रमण या स्थानीय ड्रेनेज भी वजह हो सकती है।
अब सवाल यही है कि भारी बारिश और जलभराव से बचने के लिए कैचमेंट क्षेत्रों को कितना सुरक्षित रखा जा रहा है और शहर के प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम को बचाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर नगर निगम अध्यक्ष ने भी अपनी बात रखी।
