
नयी दिल्ली, 06 सितंबर (वार्ता) आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने बालाघाट और रीवा की घटनाओं को लेकर मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए “चलो रीवा, चलो रीवा, चलो रीवा” का आह्वान करते हुए “न्याय सत्याग्रह, न्याय मिलने तक” का नारा दिया।डॉ. भूरिया ने कहा कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बालाघाट त्रासदी को लेकर मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव को चेताया था कि करीब 30 आदिवासी बच्चों की मौत की घटना को सामान्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस बालाघाट, छिंदवाड़ा सीरप कांड, सतना एचआईवी कांड और इंदौर चूहा कांड को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग लगातार उठा रही है।
उन्होंने रीवा जिला अस्पताल की कथित घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक व्यक्ति को मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, लेकिन पोस्टमार्टम से पहले ही उसे जीवित अवस्था में मेडिसिन विभाग में वापस भेज दिया गया। श्री भूरिया ने इसे प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का गंभीर उदाहरण बताया।
उन्होंने कुछ दिन पहले कल्पना मिश्रा की मौत का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि खराब स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण एक गर्भवती महिला की जान चली गई।
डॉ. भूरिया ने सवाल उठाया कि इन घटनाओं के बाद भी स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो आदिवासी कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी और “न्याय मिलने तक” रीवा में सत्याग्रह जारी रखने का आह्वान किया।
