
पक्के मकान और बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएगी सरकार: मंत्री विजय शाह
नव भारत न्यूज
इंदौर. जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय शाह की अध्यक्षता में गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी में धरती आबा – जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जनजातीय समाज के कल्याण के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की गई और उनके कार्यान्वयन को लेकर रणनीतियों पर विचार हुआ.
रेसीडेंसी कोठी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज की संस्कृति, संस्कार, परंपरा, रीति-रिवाज और जीवनशैली के संरक्षण के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं. मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक वर्ष के भीतर जनजातीय वर्ग के प्रत्येक पात्र परिवार को पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके साथ ही सभी को बिजली कनेक्शन, आयुष्मान कार्ड और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. इसके अलावा, सिकल सेल बीमारी के इलाज के लिए विशेष केंद्र बनाए जा रहे हैं, ताकि इस बीमारी से पीड़ित जनजातीय समाज को राहत मिल सके. इस दौरान शाह ने यह भी कहा कि जनजातीय समाज को बेहतर रोजगार और कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए भी योजनाएं बनाई जा रही हैं. एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर ऐसी फसलों का उत्पादन कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे जनजातीय समाज को सालाना 4 लाख रुपए तक की आय हो सके. इसके अलावा, राज्य सरकार पशुपालन और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं चला रही है. बैठक में मंत्री ने यह भी बताया कि पर्यटन क्षेत्र में महेश्वर, ओंकारेश्वर, मांडू, चारखेड़ा जैसे स्थलों पर होम स्टे की योजना बनाई जा रही है, ताकि जनजातीय समाज को पर्यटन उद्योग से भी लाभ मिल सके. साथ ही, ट्राइबल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं. जनजातीय कार्य मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकार जनजातीय वर्ग के लिए शासकीय नियुक्तियों में 50 प्रतिशत से अधिक स्थान आरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इस वर्ग के लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें. इसके अलावा, जनजातीय समाज के लिए स्थानीय बोली में एफएम रेडियो चैनल शुरू करने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि उनकी संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा मिल सके. बैठक में मुख्य रुप से प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, आयुक्त जनजातीय विकास श्रीमन शुक्ल, कलेक्टर आशीष सिंह और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे. इस दौरान अधिकारियों को जनजातीय समाज के कल्याण के लिए समन्वयपूर्वक कार्य करने और सभी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए.
