सतना : केन्द्रीय जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 44 वर्षीय बंदी मुनीम आदिवासी की शनिवार दोपहर जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई . बंदी लंबे समय से क्षयरोग से ग्रसित था
जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के शाहनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पटना निवासी मुनीम पिता हीरा आदिवासी (उम्र 44 वर्ष) को न्यायालय पवई ने धारा 302 भादवि के मामले में 14 दिसंबर 2022 को आजीवन कारावास और एक रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी. पवई सब जेल से उसे 5 फरवरी 2023 को शेष सजा भुगतने के लिए केन्द्रीय जेल स्थानांतरित किया गया था.
कैदी की तबीयत खराब होने पर उसे 29 अगस्त को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां से 31 अगस्त को डिस्चार्ज कर वापस जेल लाया गया. इसके बाद 3 सितंबर को दोबारा जांच कराने पर उसमें क्षयरोग की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद जेल अस्पताल में डॉक्टर की सलाह पर उसका उपचार चल रहा था.
शनिवार 5 सितंबर दोपहर करीब 1:00 बजे अचानक उसका स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ गया. जहां इलाज के दौरान दोपहर 1:23 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
