पटवारियों के 411 पद मंजूर, 267 की पदस्थापना

सीधी । जिले में पटवारियों की कमी के चलते राजस्व कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं। स्थिति यह है कि सीधी जिले में पटवारियों को 411 पद स्वीकृत हैं। इसके विरुद्ध महज 267 पटवारी पदस्थ हैं। पटवारियों की कमी के चलते एक पटवारी को दो-तीन हल्कों का प्रभार सौंपा गया है। ऐसी स्थिति में प्रभार वाले पटवारी हल्कों का कार्य सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।

पटवारियों की कमी के चलते किसानों के साथ ही आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय के साथ सीधी जिले में पटवारी हल्कों की संख्या में बढ़ोत्तरी भी की गई है। जिले में 8 तहसीलें हैं जहां गांवों की संख्या करीब 1072 है। इतने बड़े क्षेत्र के मुकाबले केवल 267 पटवारी ही पदस्थ हैं। जबकि 144 पटवारियों के पद रिक्त पड़े हैं। कुछ पटवारी रिश्वतखोरी के चलते लोकायुक्त के शिकंजे में भी फंस चुके हैं। वहीं कुछ को कार्यालय में अटैच किया गया है। पिछले कई माह से पटवारियों की कमी की समस्या बनी हुई है। विडम्बना यह है कि जिला स्तर से उक्त समस्या की जानकारी राज्य सरकार को भेजी जाती है फिर भी शासन स्तर से पटवारियों की कमी को पूरा करने के लिए वैकेंसी निकालने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। शासन द्वारा आवश्यक संख्या में पटवारियों की भर्ती नहीं की जाती। कई सालों बाद पटवारियों की काफी कम संख्या में वैकेंसी निकालकर भर्ती की जाती है। इसी वजह से पटवारियों की कमी पूरी नहीं होती। पूरी संख्या में भर्ती करने की बजाय प्रदेश सरकार से जब कभी भर्ती होती भी है तो उसकी संख्या दर्जन भर से ज्यादा एक जिले में नहीं रहती। जिसके चलते पटवारियों की कमी आवश्यकता के अनुसार कई सालों से बनी हुई है।

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इन कार्यों के लिये पटवारी की खास जरूरत

पटवारियों के जिम्मे कई प्रमुख कार्य होते हैं। खासतौर से किसानों को अपना किसान सम्मान निधि में पंजीयन कराने, कृषि भूमि की नकल निकलवाने, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पटवारी की टीप लगवाने, जाति प्रमाणपत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र, गिर्दवारी, प्राकृतिक आपदा के दौरान रिपोर्ट, छात्रवृत्ति के लिए जाति, आय प्रमाणपत्र, खतौनी, बंटवारा, पुल्ली फांट, नामांतरण आदि कामों के लिए पटवारी की सबसे ज्यादा जरूरत रहती है। स्थिति यह है कि पटवारियों के न मिलने से सामान्य बारिसाना नामांतरण तक के प्रकरण समय पर नहीं निपट रहे हैं।

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इनका कहना है

जिले में पटवारियों के कई पद रिक्त पड़े हैं। इसकी जानकारी समय-समय पर शासन को भेजी जाती है। रिक्त पदों की पूर्ति शासन स्तर से ही हो सकती है। जिले में जो पटवारी हैं उन्हें अन्य हल्कों का प्रभार सौंपा गया है।

मुनेन्द्र तिवारी, प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख शाखा सीधी

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