
आगर-मालवा, नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने तथा उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करने, जान से मारने एवं बदनाम करने की धमकी देने तथा 50 हजार की अवैध राशि मांगने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, आगर नीतिराज सिंह सिसौदिया ने आरोपी लखन पिता यादव प्रसाद यादव उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम नान्याखेड़ी थाना कानड़ जिला आगर-मालवा को विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध किया गया. प्रकरण में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक यशराज परमार द्वारा प्रभावी पैरवी की गई. अभियोजन के अनुसार पीडि़ता की जान पहचान आरोपी से घटना के कुछ माह पूर्व हुई थी. 13 फरवरी 2022 को आरोपी ने पीडि़ता को रास्ते में रोककर उससे दोस्ती करने की बात कही. इसके बाद 15 फरवरी 2022 को आरोपी उसे उसके घरवालों से मिलाने के बहाने अपने साथ ले गया और ग्राम नान्याखेड़ी स्थित एक खेत में ले जाकर उसकी सहमति के बिना उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. आरोपी ने पीडि़ता को धमकी दी कि यदि उसने घटना के संबंध में किसी को बताया तो वह उसे जान से खत्म कर देगा अथवा बदनाम कर देगा. बाद में भी आरोपी ने पीडि़ता को धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोपी द्वारा पीडि़ता को डराकर 50 हजार की राशि की मांग भी की गई तथा राशि नहीं देने पर उसे बदनाम करने की धमकी दी गई.
मेडिकल चेकअप से हुआ खुलासा
घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया. पीडि़ता एवं आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया. चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान पीडि़ता के गर्भवती होने की पुष्टि हुई. गर्भपात के उपरांत प्राप्त रिटेन्ड प्रोडक्ट ऑफ कन्सेप्शन तथा आरोपी के नमूनों को एफएसएल एवं डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया था.
