
नई दिल्ली, भारत शुक्रवार 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इस बार समारोह का मुख्य फोकस ‘युवा शक्ति’ और ‘विकसित भारत @2047’ पर है। साथ ही ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने को भी खास तौर पर मनाया जा रहा है।
*पहली बार बदला प्रोटोकॉल*
इस साल लाल किले पर पहली बार प्रोटोकॉल बदला गया है। रक्षा सचिव आर.के. सिंह के अनुसार, ध्वजारोहण के बाद सबसे पहले ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर इसे दी गई अहमियत को ऐतिहासिक बताया जा रहा है।
*Gen Z को मिला केंद्र में स्थान*
सरकार ने इस बार युवाओं की उपलब्धियों को खास सम्मान देने की योजना बनाई है। 2026 में इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स ओलंपियाड में पदक जीतने वाले 19 छात्रों को लाल किले की प्राचीर पर बैठाया जाएगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लाभार्थी, स्टार्टअप फाउंडर्स, पीएम कौशल विकास योजना के लाभार्थी, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से जुड़े उद्यमी और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक भी विशेष मेहमान होंगे। दिल्ली सरकार के स्कूलों के क्विज और प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे छात्रों को भी आमंत्रित किया गया है।
*’विकसित भारत @2047′ और ‘सेवा तीर्थ’ का संदेश*
समारोह में ‘विकसित भारत @2047’ की ओर बढ़ते सफर को दिखाया जाएगा। गार्ड ऑफ ऑनर एरिया में न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, स्पेस और तकनीक में भारत की प्रगति प्रदर्शित की जाएगी। इस बार निमंत्रण कार्ड पर ‘सेवा तीर्थ’ को जगह दी गई है, जो जन-सेवा के संस्थागत विजन को दर्शाता है।
इस बार बैठने के एनक्लोजर का नाम नदियों की जगह भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखा गया है। इसे जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़ा जा रहा है।
*युवा शक्ति को मंच*
सरकार का संदेश साफ है – देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है। ओलंपियाड विजेताओं से लेकर स्टार्टअप संस्थापकों तक को मंच देकर टैलेंट और एंटरप्रेन्योरशिप दोनों को सम्मान दिया जा रहा है।
लाल किले से दिया जाने वाला संदेश युवाओं को प्रेरित करने के साथ ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देगा। 15 अगस्त 2026 का यह समारोह युवा ऊर्जा, देशभक्ति और प्रगति का संगम बनने जा रहा है।
