
उन्होंने दावा किया कि यह आदेश गृह मंत्रालय से आया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या श्री शाह ने बच्चों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं। श्री गांधी ने कहा कि दोनों ही स्थिति में श्री शाह को इस्तीफा देना चाहिए। विपक्ष के नेता ने कहा, ”सच ये है कि अमित शाह की इमेज का गुब्बारा फट चुका है। उनके अंदर संसद आने की हिम्मत ही नहीं है।” श्री गांधी ने मीडिया से भी सवाल किया कि जब श्री शाह बोलते हैं तो क्या मीडिया उन्हें बीच में रोकता है। उन्होंने पूछा, ”अमित शाह में ऐसी क्या खास बात है कि पूरा मीडिया चुपचाप खड़ा रहता है।”
उन्होंने कहा कि जब देश के छात्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्री शाह से नहीं डर रहे हैं तो मीडिया को भी उनसे डरना नहीं चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा “श्री शाह में संसद आने की हिम्मत ही नहीं है। वह 20 दिनों से गायब हैं। अपने चैंबर में बैठे रहते हैं लेकिन सदन में नहीं आते। उनके काफिले में करीब 30 गाड़ियां चलती हैं, घर के आगे हजारों पुलिस वाले खड़े रहते हैं कि कोई बच्चा न आ जाए। उनकी छवि वाले गुब्बारे की हवा निकल चुकी है। अब जबरन उसमें हवा भरने की कोशिश की जा रही है।”
