नई दिल्ली, नौकरीपेशा और अन्य करदाताओं के लिए वित्त वर्ष का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की निर्धारित अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है। यदि कोई करदाता तय समयसीमा के भीतर अपना रिटर्न नहीं भर पाया है, तो उसे आयकर विभाग के नियमों के अनुसार भारी विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा।
जानिए जुर्माने की नई और तय रकम
आयकर कानूनों के मुताबिक, डेडलाइन चूकने वाले करदाताओं को उनकी आय के आधार पर लेट फीस चुकानी पड़ती है। जिन लोगों की कुल वार्षिक आय पांच लाख रुपये से अधिक है, उन्हें पांच हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं, पांच लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं के लिए विलंब शुल्क की राशि एक हजार रुपये निर्धारित की गई है।
बिलेटेड रिटर्न और ई-वेरिफिकेशन के नियम
निर्धारित समय पर रिटर्न न भर पाने वाले करदाता आगामी 31 दिसंबर 2026 तक अपना बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसके साथ ही, टैक्सपेयर्स को यह भी ध्यान रखना होगा कि रिटर्न सबमिट करने के बाद 60 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन पूरा करना अनिवार्य है, अन्यथा रिटर्न अमान्य माना जाएगा।

