
करिबा,जिम्बाब्वे की करिबा झील में मंगलवार को बड़ा नाव हादसा हो गया। क्षमता से अधिक यात्रियों से भरी नाव तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि 20 से अधिक लोग लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।
*90 की क्षमता पर सवार थे 119 लोग*
अधिकारियों के अनुसार नाव पर 90 यात्रियों की क्षमता थी, लेकिन हादसे के समय 114 वयस्क और 5 क्रू मेंबर समेत कुल 119 लोग सवार थे। खराब मौसम के बावजूद नाव को सामान्य रूप से चलाया गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झील के बीच में तेज लहरों से टकराने के बाद नाव का इंजन बंद हो गया और वह असंतुलित होकर पलट गई।
*अब तक 60 से ज्यादा को बचाया गया*
हादसे के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने राहत अभियान शुरू किया। अब तक 60 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। मलबे से 15 शव बरामद किए गए हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए खोज अभियान लगातार चल रहा है।
यह नाव करिबा के उत्तरी शहर और आसपास के द्वीपों व मछली पकड़ने के शिविरों के बीच नियमित परिवहन सेवा देती थी।
*दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील*
करिबा झील जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित है और राजधानी हरारे से करीब 300 किमी उत्तर-पूर्व में है। 5,400 वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ यह दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील मानी जाती है। इसका निर्माण जाम्बेजी नदी पर करिबा बांध बनने के बाद 1960 के दशक में पूरा हुआ था।
*सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल*
हादसे के बाद क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने की अनुमति को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
