नयी दिल्ली 10 अगस्त (वार्ता) संसद में बने गतिरोध और कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की सरकार की मंशा के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद) के लोकसभा में सभी आठ सांसदों ने पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले के नेतृत्व में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से यहां मुलाकात की।
राकांपा (शरद) के नेताओं ने संसद भवन परिसर स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में श्री मोदी से लगभग आधे घंटे तक मुलाकात की।
सरकार परिसीमन संशोधन विधेयक और विदेशी अंशदान विनियमन विधेयक को पारित कराना चाहती है। सुश्री सुले पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि पार्टी परिसीमन विधेयक पर कोई भी निर्णय उसके अंतिम स्वरूप के सामने आने पर ही लेगी और इस संबंध में इंडिया गठबंधन के साथ भी चर्चा की जायेगी। विदेशी अंशदान विनियमन विधेयक पर उनका कहना है कि मौजूदा स्वरूप में यह पार्टी को स्वीकार नहीं है और इसे संसदीय समिति में भेजा जाना चाहिए।
श्री मोदी से मिले सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में सुरेश म्हात्रे (भिवंडी), भास्कर भगारे (डिंडोरी), अमर शरदराव काले (वर्धा), अमोल कोल्हे (शिरूर), नीलेश ज्ञानेश्वर लंके (अहमदनगर), बजरंग मनोहर सोनवणे (बीड), धैर्यशील मोहिते पाटिल (माधा) और सुप्रिया सुले (बारामती) शामिल थे।
सूत्रों के अनुसार इन नेताओं ने समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले सहित समाज सुधारक और लेखक अन्नाभाऊ साठे तथा संत तुकडोजी महाराज को भारत रत्न देने की मांग की। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने खेती, पानी और अपने लोकसभा क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सांसद कोल्हे ने इन अटकलों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होगी। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।
परिसीमन विधेयक का समर्थन करने के सवाल पर सांसद ने कहा, “जब तक कोई विधेयक पेश ही नहीं किया गया है, तब तक उस पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। बैठक में हमारे सभी सांसदों ने अपने क्षेत्रों में रुके हुए विकास कार्यों, स्थानीय मुद्दों और जनहित के विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने श्री शरद पवार की ऊर्जा और कार्यक्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि ‘उम्र सिर्फ एक संख्या है’।”
इस बीच पार्टी के विधायक रोहित पवार ने मुंबई में मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि उनकी पार्टी के सांसद परिसीमन विधेयक के खिलाफ वोट करेंगे। उन्होंने कहा , “प्रधानमंत्री के साथ आज की बैठक का मकसद सिर्फ सांसदों के क्षेत्रों में रुके हुए विकास कार्यों और लोगों की समस्याओं का समाधान करना था।”
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने श्री शरद पवार और सुश्री सुले ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। उस समय कहा गया था कि उन्होंने श्री मोदी के साथ जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बारे में बात की थी।
