
रीवा, भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी रीवा द्वारा संचालित पिता महसदन वृद्धाश्रम स्वागत भवन में पिछले करीब 6 वर्षों से रह रहे 80 वर्षीय सुरेश देवगन का बीती रात्रि करीब 12 बजे निधन हो गया. उनका उपचार संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में चल रहा था. श्री देवगन की इच्छा के अनुसार उनके पार्थिव शरीर का देहदान किया गया. देहदान करने पर स्वर्गीय देवगन को दधीचि सम्मान तथा गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई.
स्वर्गीय सुरेश देवगन अंग्रेजी साहित्य के मर्मज्ञ एवं विद्वान थे. उन्होंने अपना जीवन शिक्षा और समाजसेवा के लिए समर्पित कर दिया. भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के सहयोग से वृद्धाश्रम में रहते हुए वे प्राथमिक कक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क अंग्रेजी की कोचिंग देते थे. इसके अलावा सरस्वती शिशु मंदिर दीनदयाल धाम, चाणक्यपुरी रीवा सहित अमहिया थाना क्षेत्र में जरूरतमंद और गरीब बच्चों को भी वे नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करते रहे. शहर के कई अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी उनके द्वारा बच्चों को अंग्रेजी का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता था. उनके निधन की खबर से पिता महसदन वृद्धाश्रम स्वागत भवन सहित पूरे रीवा में शोक की लहर है. आश्रमवासी अपने प्रिय सुरेश देवगन को याद कर भावुक हैं और उनकी कमी को महसूस कर रहे हैं. श्री देवगन ने जीवनभर शिक्षा का दीप जलाया और मृत्यु के बाद भी समाज के लिए अपनी सेवा जारी रखी. उनकी इच्छा के अनुसार भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी रीवा द्वारा उनका देहदान श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा में किया गया. उनके पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद देहदान की प्रक्रिया संपन्न हुई. भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी रीवा ने उन्हें दधीचि सम्मान से सम्मानित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की.
